नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G बिल 2025 आधी रात के बाद राज्यसभा से पारित हो गया। इससे पहले यह विधेयक लोकसभा से मंजूरी पा चुका था। अब इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इस बिल के तहत अब मनरेगा की जगह नई योजना लागू होगी, जिसमें ग्रामीण परिवारों को सालाना 100 की जगह 125 दिन का मजदूरी रोजगार गारंटी देने का प्रावधान है।
ध्वनिमत से हुआ पारित, विपक्ष ने किया वॉकआउट
गुरुवार देर रात तक राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा चली। विपक्ष ने बिल को सेलेक्ट कमिटी को भेजने की मांग की, लेकिन सरकार ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। शुक्रवार तड़के बिल को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
संसद परिसर में आधी रात को प्रदर्शन
राज्यसभा से बिल पास होते ही विपक्षी सांसद आधी रात को संसद परिसर में धरने पर बैठ गए। कांग्रेस समेत कई दलों ने इसे गरीबों के खिलाफ बताया और मनरेगा को खत्म करने का आरोप लगाया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह बिल ग्रामीण गरीबों के कल्याण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस महात्मा गांधी के नाम पर राजनीति कर रही है और असल में गरीबों के हितों को नजरअंदाज कर रही है। राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जैसे तीन कृषि कानून वापस लेने पड़े थे, वैसे ही यह कानून भी वापस लेना पड़ेगा। खड़गे ने चेतावनी दी कि अगर सरकार नहीं मानी तो लोग सड़कों पर उतरेंगे और बड़े आंदोलन होंगे।
“सत्ता में आए तो मनरेगा बहाल करेंगे”
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि जिस दिन कांग्रेस सत्ता में आएगी, उस दिन महात्मा गांधी का नाम वापस जोड़ा जाएगा और मनरेगा को उसके मूल रूप में लागू किया जाएगा। उन्होंने बीजेपी पर वैचारिक हमला भी किया।
VB-G RAM G बिल की प्रमुख बातें
ग्रामीण परिवारों को 125 दिन अकुशल मजदूरी रोजगार की गारंटी. केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 फंड शेयरिंग, उत्तर-पूर्वी, हिमालयी राज्यों और कुछ केंद्रशासित प्रदेशों के लिए 90:10 का अनुपात, राज्य सरकारें खेती के पीक सीजन को ध्यान में रखते हुए 60 दिन पहले से अधिसूचित कर सकेंगी।
लोकसभा में भी हुआ था जोरदार हंगामा
इससे पहले लोकसभा में बिल पास होने के दौरान विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया था। सांसदों ने वेल में नारेबाजी की, बिल की कॉपियां फाड़ी और मनरेगा से गांधी का नाम हटाने का विरोध किया। अब यह बिल राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून बन जाएगा। वहीं विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर संसद के बाहर भी संघर्ष जारी रखेगा। ग्रामीण रोजगार योजना को लेकर आने वाले दिनों में सियासी टकराव और तेज होने के संकेत हैं।





