नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र की 7 राज्यसभा सीटों के लिए सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से उम्मीदवारों के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं। मंगलवार, 24 फरवरी को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवास पर पार्टी की कोर कमेटी की अहम बैठक होनी है। माना जा रहा है कि इस बैठक में चार नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है। संख्या बल के हिसाब से महायुति गठबंधन 6 सीटें जीत सकता है, जबकि महाविकास आघाड़ी (MVA) के खाते में 1 सीट जाना लगभग तय माना जा रहा है।
बीजेपी के संभावित उम्मीदवार: इन नामों की चर्चा तेज
बीजेपी चार सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। इनमें से एक सीट के लिए रामदास अठावले का नाम लगभग तय बताया जा रहा है। बाकी तीन सीटों के लिए जिन नामों की चर्चा है, उनमें शामिल हैं, विनोद तावड़े, विजया रहाटकर धैर्यशील पाटील, खास नजर विनोद तावड़े पर है। अगर उन्हें राज्यसभा भेजा जाता है, तो इसे उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी के तौर पर देखा जाएगा।
NCP और शिवसेना में भी हलचल
बीजेपी के अलावा सहयोगी दल भी अपने उम्मीदवार उतारेंगे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) और शिवसेना (शिंदे गुट) एक-एक सीट पर चुनाव लड़ सकते हैं। चर्चा है कि अजित पवार के पुत्र पार्थ पवार को राज्यसभा भेजा जा सकता है। पार्टी नेताओं ने संकेत दिए हैं कि उनके नाम पर सहमति बन सकती है। वहीं शिवसेना की ओर से पूर्व सांसद राहुल शेवाले का नाम लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि गजानन कीर्तिकर भी इच्छुक बताए जा रहे हैं। अंतिम फैसला उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की घोषणा के बाद साफ होगा।
MVA में एक सीट पर खींचतान
महाविकास आघाड़ी में एक सीट को लेकर तीनों दल कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) दावा जता रहे हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार की भूमिका इस फैसले में अहम मानी जा रही है। 85 वर्षीय शरद पवार फिलहाल स्वास्थ्य कारणों से चर्चा में हैं और उनके चुनाव लड़ने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। विधायक रोहित पवार ने कहा है कि पार्टी के सभी नेता चाहते हैं कि शरद पवार राज्यसभा जाएं, लेकिन अंतिम निर्णय उन्हीं का होगा। MVA के पास कुल 46 विधायक हैं राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट): 10, शिवसेना (उद्धव गुट): 20, कांग्रेस: 16 राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 37 प्रथम वरीयता वोट जरूरी हैं। ऐसे में MVA के पास 9 अतिरिक्त वोट हैं। हालांकि अगर आंतरिक मतभेद हुए तो इसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है। वर्तमान राजनीतिक हालात के अनुसार बीजेपी के 4 उम्मीदवार, शिवसेना (शिंदे गुट) का 1 उम्मीदवार, राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) का 1 उम्मीदवार ऐसा समीकरण बनता दिख रहा है। अब सबकी नजर सीएम फडणवीस के घर होने वाली बैठक पर है, जहां से उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो सकती है





