नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। Bhajanlal Sharma की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। अब राज्य में दो से अधिक संतान वाले नागरिक भी पंचायत और नगरपालिका चुनाव लड़ सकेंगे। इसके लिए कैबिनेट ने राजस्थान पंचायतीराज संशोधन बिल और राजस्थान नगरपालिका संशोधन बिल 2026 को मंजूरी दे दी है। कानून मंत्री Jogaram Patel ने बताया कि कैबिनेट की स्वीकृति के बाद यह बिल मौजूदा विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।
पहले क्या था नियम?
अब तक राजस्थान में दो से अधिक बच्चे होने पर व्यक्ति को पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाता था। यह नियम साल 1995 में उस समय की सरकार ने लागू किया था। उद्योग मंत्री Rajyavardhan Singh Rathore ने कहा कि समय के अनुसार फैसले लेने की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि अब हालात पहले जैसे नहीं हैं, इसलिए दो बच्चों की शर्त को हटाना जरूरी था। राठौड़ ने यह भी स्पष्ट किया कि इस फैसले का किसी धार्मिक या सामाजिक बयान से कोई संबंध नहीं है। मंत्री जोगाराम पटेल के अनुसार, पहले जनसंख्या का दबाव ज्यादा था, लेकिन अब स्थिति में सुधार हुआ है। ऐसे में दो से अधिक संतान होने के बावजूद अगर कोई व्यक्ति अन्य सभी योग्यताएं पूरी करता है, तो वह पंचायत या नगरपालिका चुनाव लड़ सकेगा।
क्या बदलेगा अब?
दो से ज्यादा बच्चे होने पर अब चुनाव लड़ने से अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा। पंचायती राज और नगर निकाय दोनों चुनावों में यह नियम लागू होगा। संशोधन बिल पास होने के बाद नया नियम प्रभावी हो जाएगा। राजस्थान सरकार के इस फैसले को स्थानीय राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि इससे चुनाव लड़ने के इच्छुक कई लोगों को राहत मिलेगी।





