नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान और संसद में दंगे को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर केस ने देश का सियासी मिजाज बदल दिया है, अब इन दोनों मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने आज शुक्रवार को देशभर के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया।
संसद में मारपीट के मामले में बीजेपी सांसद ने दिल्ली के संसद मार्ग थाने में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। संसद के अंदर दो बीजेपी सांसदों को घायल करने के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस शिकायत में अनुराग ठाकुर और बांसुरी स्वराज समेत एनडीए के तीन सांसदों ने संसद में हंगामे के दौरान मारपीट और उकसावे में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
राहुल गांधी पर हाथापाई का आरोप
भाजपा ने राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस में शिकायत के दौरान आरोप लगाया कि वह संसद परिसर में विवाद के दौरान शारीरिक हमला करने और उकसाने में शामिल थे। कांग्रेस ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया और आरोप लगाया कि बीजेपी सांसदों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को धक्का दिया और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ हाथापाई की।
“NDA सांसदों की ओर बलपूर्वक आगे बढ़े”
इस मामले में वडोदरा से बीजेपी सांसद हेमांग जोशी ने अपनी दो पेज की शिकायत में कहा कि “मैं मुकेश राजपूत, प्रताप सारंगी और साथी एनडीए सांसदों के साथ संसद के मकर गेट पर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहा था। उन्होंने कहा कि वह विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस नेतृत्व में फैलाई जा रही गलत सूचनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी सुबह 10.40 से 10.45 बजे के बीच मौके पर पहुंचे, संसद सुरक्षा कर्मियों द्वारा निर्दिष्ट प्रवेश मार्ग से जाने के अनुरोध के बावजूद, राहुल गांधी ने निर्देशों को नजरअंदाज कर दिया और विरोध प्रदर्शन को बाधित करने और एनडीए सांसदों को शारीरिक नुकसान पहुंचाने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से एनडीए सांसदों की ओर बलपूर्वक आगे बढ़े।”




