नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । जम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर देश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर राज्य का दर्जा बहाल करने की अपील की है। इस पहल का नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्वागत किया है। हालांकि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर सरकार में शामिल नहीं है, लेकिन अब्दुल्ला सरकार को उसका समर्थन प्राप्त है।
“हम इस दिन का इंतजार कर रहे थे” – उमर अब्दुल्ला
जम्मू के एक सरकारी स्कूल के कार्यक्रम में बोलते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, “हम केंद्र सरकार से कोई नया वादा नहीं मांग रहे हैं। हमने हमेशा वही मांगा है जो हमें पहले से ही आश्वासन के रूप में दिया गया है। मैं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने हमारी बात को संसद और दिल्ली में उठाया।”
“अब देर नहीं होनी चाहिए”
उमर अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की याद दिलाते हुए कहा कि न्यायालय ने भी कहा था कि जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द राज्य का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि “जल्द से जल्द” का समय कब आएगा? अब और देर नहीं होनी चाहिए।
संसद में उठेगा पहलगाम हमला और अन्य मुद्दे
उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि 21 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में कांग्रेस पहलगाम हमले के पीछे मौजूद आतंकियों की अब तक पहचान न हो पाने का मुद्दा भी उठाएगी। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इस पर अन्य विपक्षी दलों से फिलहाल बातचीत नहीं हुई है।
2019 से अब तक जारी है राज्य के दर्जे की मांग
गौरतलब है कि 2019 में केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांट दिया था – जम्मू-कश्मीर और लद्दाख। दोनों को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया था। तभी से स्थानीय दल लगातार राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रहे हैं।





