नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। लोकसभा में बजट सत्र के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत मार्शल आर्ट के उदाहरण से की। उन्होंने कहा कि जैसे मार्शल आर्ट में पहले ग्रिप बनाई जाती है और फिर “चोक” किया जाता है, उसी तरह दुनिया की ताकत भी नियंत्रण और पकड़ पर निर्भर करती है। उनके मुताबिक आज डेटा सबसे बड़ा संसाधन बन चुका है और यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए पेट्रोल की तरह काम करता है।
‘दुनिया युद्ध के दौर में, भारत को तैयार रहना होगा’
राहुल गांधी ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और कई देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध, गाजा-इजरायल संघर्ष और अमेरिका-चीन की प्रतिस्पर्धा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। उनका कहना था कि ऊर्जा और फाइनेंस अब हथियार बन चुके हैं, ऐसे में भारत को नई रणनीति की जरूरत है। राहुल गांधी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एआई के कारण आने वाले समय में हजारों सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। उनके मुताबिक बजट में इन चुनौतियों से निपटने के लिए कोई ठोस योजना नजर नहीं आई। नेता विपक्ष ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह समझौता अमेरिकी शर्तों पर हुआ है और इससे किसानों को नुकसान हो सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि अगर विपक्ष सत्ता में होता तो भारतीय डेटा को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बनाया जाता।
सरकार पर देश बेचने का आरोप
भाषण के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि यह ट्रेड डील देश के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भारत की ताकत को समझे बिना फैसले लिए हैं और बजट में आज की असली चुनौतियों डेटा, एआई और वैश्विक संघर्ष पर चर्चा नहीं की गई। राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि भारत की 1.4 अरब की आबादी ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर देश अपने डेटा और तकनीकी क्षमता को सही तरीके से इस्तेमाल करे तो दुनिया में बड़ी भूमिका निभा सकता है।





