नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। हमले के बाद भारत में गुस्से का माहौल है। पाकिस्तान अभी भी नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी जारी रखे हुए है। भारतीय सेना भी इसका जवाब दे रही है। इस बीच, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि पाकिस्तान पर कठोरता से कार्रवाई करने और सबक सिखाने की मांग की है।
हमले के बाद ओवैसी लगातार पाकिस्तान पर हमलावर हुए है। वह आए दिन पाकिस्तान के मंत्री , पीएम ओर सेना के बड़े अधिकारियों को भारत के खिलाफ बोलने का जोरदार जवाब दे रहे हैं। आज सोमवार को एक कार्यक्रम में ओवैसी ने कहा कि, हमारी भारत सरकार से यही मांग है कि पाकिस्तान को FATF (फाइनेंशिय एक्शन टास्क फोर्स) की ग्रे लिस्ट में डाल देना चाहिए, तभी उनको समझ में आएगा।
आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत: ओवैसी
उन्होंने आगे कहा, “पहलगाम में हमला करने वाले आतंकवादी पाकिस्तान में मौजूद हैं। उन्हें वहां से पूरा समर्थन मिलता है और फिर आतंकवादी सीमा पार करके पहलगाम में आ गए और आतंकवादी हमले को अंजाम दिया। इससे पहले जब मुंबई में 26/11 का हमला हुआ था, तो पाकिस्तान ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया था, लेकिन जब कसाब पकड़ा गया, तो उसे यह स्वीकार करना पड़ा। आतंकवादियों को रोकने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।”
FATF क्या है?
FATF एक अंतर्रसरकारी संगठन है, जिसका मुख्य कार्य मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादियों तक फंडिंग का पैसा या वित्तपोषण की पहुंच को रोकना है। इसकी स्थापना 1989 में की गई थी। यह देश अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करता है और देश में अवैध तरीके से संचालित गतिविधियों से निपटने का काम करता है।
ग्रे लिस्ट क्या है?
ग्रे लिस्ट का मतलब यह कि FATF ने आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों में निगरानी के लिए कुछ देशों को जोड़कर एक लिस्ट तैयार की जाती है। जहां यह देश आतंकवादी वित्तपोषण के खिलाफ कार्रवाई बढ़ाने की निगरानी करते है। इसके अलावा, यह देश व्यवस्था में रणनीतिक कमियों को दूर करने और संगठन की हर सिफारिश का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ब्लैक लिस्ट क्या है?
FATF की ब्लैक लिस्ट यानी एक ऐसे देशों की पहचाना करना है जो कि आतंकवाद विरोधी शासन और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए पर्याप्त ना हो। FATF में जुड़े जितने भी देश हो उन्हें एक सदस्य के रुप में बुलाते है, ओर कोर्ट को उचित देखभाल करने के लिए प्रोत्साहित करता है। एक ब्लैक लिस्टेड देश FATF के सदस्य देशों की ओर से आर्थिक रूप से प्रतिबंधों के अधीन हो सकता है। जैसे कि ईरान और कोरिया इस लिस्ट में शामिल हैं।





