नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्य के नौ नगर निगमों और 100 से ज्यादा नगर परिषदों के चुनावों की अधिसूचना पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि जब तक सरकार वार्डबंदी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जवाब दाखिल नहीं करती, तब तक चुनाव प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
सरकार के रवैये पर अदालत की नाराजगी
कोर्ट को बताया गया कि वार्डबंदी से जुड़ी कई याचिकाओं पर पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन पंजाब सरकार की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। इस पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह न्यायिक प्रक्रिया की अनदेखी है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि नई वार्डबंदी में राजनीतिक पक्षपात किया गया है। उनका कहना है कि सीमांकन करते समय आबादी के संतुलन का ध्यान नहीं रखा गया और कुछ क्षेत्रों को जानबूझकर बदला गया है। इसी वजह से कई नगर निकायों की वार्डबंदी को कोर्ट में चुनौती दी गई है।
किन नगर निगमों पर असर?
जिन नगर निगमों के चुनाव फिलहाल रुके हैं, उनमें बटाला, पठानकोट, कपूरथला, होशियारपुर, मोहाली, बठिंडा, अबोहर, मोगा और बरनाला शामिल हैं। हाई कोर्ट का आदेश इन निगमों के साथ-साथ 100 से ज्यादा नगर परिषदों पर भी लागू होगा। राज्य सरकार ने स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियां लगभग पूरी कर ली थीं, लेकिन कोर्ट के इस आदेश के बाद पूरी प्रक्रिया फिलहाल रुक गई है। अब चुनाव तभी आगे बढ़ पाएंगे, जब अदालत से मंजूरी मिलेगी।
18 फरवरी को होगी अगली सुनवाई
हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी तय की है। उसी दिन यह फैसला होगा कि सरकार को राहत मिलेगी या अदालत का अंतरिम आदेश जारी रहेगा। फिलहाल पंजाब में शहरी निकाय चुनावों पर न्यायिक रोक लगी हुई है।





