नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पुणे कार एक्सीडेंट मामले की जांच जितनी आगे बढ़ती जा रही है। मामले में उतने ही ज्यादा नए मोड़ आ रहे हैं। बता दें कि मामला नाबालिग द्वारा तेज़ रफ्तार कार से दो लोगों को कुचलने का है। जिसमें पहले तो नाबालिग को महज नाम मात्र की सज़ा देकर बेल दे दी गई, लेकिन जब मामले को लेकर देश में आक्रोश फैला तो केस को मंभीरता से लिया गया और नाबालिग को ऑब्जर्वेजन होम भेजा गया। नाबालिग के परिवार के उसके दादा, पिता और माता गिरफ्तार हो चुके हैं। साथ ही बल्ड सैंपल बदलने के मामले में ससून अस्पताल से तीन लोगों को निलंबित कर गिरफ्तार कर लिया गया है। यह भी बताते चले कि नाबालिग के दादा के अंडरवर्ल्ड से ताल्लुकात है, वो वहीं गिरफ्तार डॉक्टर किडनी रैकेट में पकड़ा जा चुका है। अब इस मामले में क्या नए अपडेट आए हैं, आपको वो बताते हैं।
मां का बयान
नाबालिग की मां ने अपने स्टेटमेंट में कहा है कि अस्पताल में नाबालिग की जगह उसका खून लिया गया। बता दें कि नाबालिग की मां का बल्ड सैंपल केवल इस वजह से लिया गया था कि नाबालिग के बल्ड सैंपल में नशीले पदार्थ ना आएं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार पुणे पुलिस कमिश्नर ने कहा कि नाबालिग की मां का कहना है कि उसे नहीं पता था कि ससून अस्पताल में उसका बल्ड सैंपल क्यों लिया गया है।
नाबालिग से पूछताछ
हिंदुस्तान टाइस की रिपोर्ट के अनुसार नाबालिग के पूछताछ की गई। एचटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पुलिस ने कहा कि नाबालिग ने अपने बयान में बताया कि वह हादसे के समय नशे की हालत में था, साथ ही वह उस रात को हुई घटना को दोबारा याद नहीं कर पा रहा है।
नाबालिग के खून का सैंपल किया नहीं गया रिकॉर्ड
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में बताया गया कि ससून अस्पताल में पहले नाबालिग का बल्ड सैंपल लिया गया, और उसके बाद उसकी मां का बल्ड सैंपल लिया गया। लेकिन नाबालिग के बल्ड सैंपल को स्टोर नहीं किया गया। जबकि उसकी मां के बल्ड सैंपल को स्टोर किया गया और उसपर नाबालिग के नाम पर लेबल लगा दिया गया। अब पुलिस उस इंजेक्शन की तलाश कर रही है जिससे नाबालिग का बल्ड सैंपल लिया गया था। कोर्ट में यह भी बात रखी गई कि नाबालिग के पिता के कहने पर बल्ड सैंपल बदलने के लिए डॉक्टर को ₹3 लाख दिए गए। अब पुलिस नाबालिग के डीएनए टेस्ट की मांग कर रही है।
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