नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र के पुणे में एक निजी कंपनी की ट्रैवलर मिनी बस में भीषण आग लग गई, जिसमें चार कर्मचारियों की जलकर मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआत में पुलिस को लगा कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ होगा, लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो चौकाने वाला सच सामने आया।
ड्राइवर ने खुद रची थी साजिश
पुलिस जांच में पता चला कि बस के ड्राइवर जनार्दन हंबर्डीकर ने ही इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया था। वह दिवाली पर वेतन और बोनस में कटौती से नाराज था। इसके अलावा, उसका कर्मचारियों के साथ विवाद भी हुआ था। गुस्से में आकर उसने बस में आग लगाने की साजिश रची।
कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस को ड्राइवर पर तब शक हुआ जब मामूली चोटों के बावजूद वह बार-बार बेहोश होने का नाटक कर रहा था। साथ ही, उसके जलने के निशान और दर्द में भी अंतर नजर आया। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि ड्राइवर सीट के नीचे कुछ जला रहा था। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया।
ऐसे दी घटना को अंजाम
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने पहले से एक लीटर बेंजीन सॉल्यूशन (एक ज्वलनशील रसायन) प्लास्टिक की बोतल में लाकर बस में रख लिया। उसने सीट के नीचे कपड़े भी बिछाए, ताकि आग तेजी से फैल सके। बस में 14 लोग सवार थे, जिनमें से चार की मौके पर ही मौत हो गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कंपनी के कुछ कर्मचारी उसके साथ बुरा व्यवहार करते थे, जिससे वह गुस्से में था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस घटना में मारे गए चार कर्मचारियों का इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं था।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस अधिकारी कन्हैया थोरात ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि गुस्से में उठाया गया एक खौफनाक कदम था, जिसमें निर्दोष लोगों की जान चली गई। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी ने इस घटना की साजिश पहले से रची थी या यह अचानक गुस्से में उठाया गया कदम था।





