नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। ओडिशा के बालासोर में स्थित फकीर मोहन ऑटोनॉमस कॉलेज की छात्रा की आत्मदाह के बाद पूरे राज्य में गुस्सा फैल गया है। इस मुद्दे पर बुधवार को ओडिशा विधानसभा के बाहर भारी प्रदर्शन हुआ, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले तक इस्तेमाल करने पड़े।
क्या है मामला?
20 साल की छात्रा ने अपने कॉलेज के एचओडी (प्रोफेसर) पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। जब कॉलेज प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो छात्रा ने कॉलेज कैंपस में ही खुद को आग लगा ली। वह 90% तक झुलस गई थी और बाद में एम्स भुवनेश्वर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
विधानसभा के बाहर फूटा गुस्सा
छात्रा की मौत के बाद बुधवार सुबह विधानसभा के बाहर छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने मिलकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर न्याय में देरी और प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपी प्रोफेसर को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, कॉलेज प्रशासन की भूमिका की जांच हो, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। जैसे ही प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा की ओर बढ़ने लगे, पुलिस ने हालात संभालने के लिए वॉटर कैनन से पानी की बौछारें की और इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े। भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मामले में उच्चस्तरीय जांच और पीड़िता के परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। लेकिन प्रदर्शनकारी इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि सिर्फ मुआवजे से न्याय नहीं मिलेगा, जब तक दोषियों को सजा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती। इधर, बालासोर में बीजेडी कार्यकर्ताओं की अगुवाई में सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक बालासोर बंद रखा गया। इस दौरान सड़कों पर टायर जलाए गए और कई जगहों पर ट्रैफिक जाम भी हुआ।आरोपी प्रोफेसर की तुरंत गिरफ्तारी कॉलेज प्रशासन पर सख्त कार्रवाई पीड़िता को न्याय और परिवार को सुरक्षा मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा यह मामला अब सिर्फ एक कॉलेज का नहीं रहा, बल्कि पूरे राज्य में यह न्याय और महिला सुरक्षा का बड़ा मुद्दा बन गया है।





