नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज सोमवार को पटना में पुलिस भर्ती और दारोगा भर्ती को लेकर बेरोजगार युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। हजारों की संख्या में अभ्यर्थी हाथों में झंडा लेकर सड़क पर उतरे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि लंबे समय से वैकेंसी की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग
अभ्यर्थियों ने जब सीएम आवास घेराव की तैयारी की, तो पुलिस ने हालात संभालने के लिए डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर दी। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। प्रदर्शन में अभ्यर्थियों के साथ कई शिक्षक भी शामिल हुए।
क्या हैं अभ्यर्थियों की मांगें?
दारोगा भर्ती की वैकेंसी तुरंत जारी की जाए। आने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। अभ्यर्थियों को क्वेश्चन पेपर और ओएमआर शीट की कॉपी दी जाए। आंसर की जारी की जाए, ताकि यह साफ हो सके कि किस प्रश्न का सही उत्तर माना गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर 10 दिनों के भीतर वैकेंसी नहीं निकाली गई तो आचार संहिता लग जाएगी और भर्ती प्रक्रिया फिर टल जाएगी।
छात्र नेता दिलीप कुमार का बयान
छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा, “यह अभ्यर्थियों का हक है कि उन्हें पता चले किस सवाल का कौन-सा उत्तर सही माना गया। लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। सरकार को निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करनी होगी। पुलिस भर्ती को लेकर पटना में हुए इस बड़े प्रदर्शन ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब देखना होगा कि बिहार सरकार अभ्यर्थियों की मांगों पर कितना गंभीर कदम उठाती है।
पहले भी भड़का था गुस्सा-TRE-3 विवाद
यह पहली बार नहीं है जब अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर उतरे हों। हाल ही में शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) के पूरक परिणाम की मांग को लेकर भी प्रदर्शन हुआ था। उस दौरान भी पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। मार्च 2024 में TRE-3 परीक्षा हुई थी। इसमें 87,774 पद निकाले गए थे। अब तक केवल 51,000 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र मिला है। बाकी उम्मीदवारों का कहना है कि पूरक परिणाम का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि बार-बार आश्वासन दिया गया लेकिन अब तक न तो पूरक परिणाम आया और न ही पुलिस भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई। युवाओं का आरोप है कि यह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।





