नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ने परिवहन विभाग के मनमाने रवैये और वाहन मालिकों की समस्याओं के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। पांच सूत्री मांगें पूरी नहीं होने पर 25 अगस्त से राज्य के सभी बस संचालकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है।
बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ने सरकार से पांच सूत्री मांगों का समाधान करने की मांग करते हुए पूरे बिहार में चक्का जाम का ऐलान किया है। उनकी मांगों में ई-चालान माफ़ी और अवैध वसूली पर रोक शामिल है। और ऐसा न होने पर पूरे बिहार में चक्का जाम किया जाएगा। फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने का निर्णय भी लिया है। पटना के बैरिया बस स्टैंड, गांधी मैदान बस स्टैंड के साथ-साथ सभी जिलों में स्थापित बस स्टैंड से चलने वाली प्राइवेट बस मालिक सीएम समेत सभी पदाधिकारियों को अपना ज्ञापन सौपेंगे।
गौरतलब है कि, आगामी 25 अगस्त से पटना के बैरिया बस स्टैंड, गांधी मैदान बस स्टैंड के साथ-साथ सभी जिलों में स्थापित बस स्टैंड से चलने वाली प्राइवेट बस के चक्का जाम कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय ले लिया है। जहां बस मालिकों ने परिवहन विभाग पर मनमाने रवैये का आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया है। जिसके लिए शनिवार 9 अगस्त को बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन की बैठक हुई थी, जिसमे पूरे बिहार से प्राइवेट बसों के संचालक प्रतिनिधि के अलावा सभी सेक्टर के चालक प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन की बैठक संपन्न
इस बैठक में सभी प्रतिनिधियों ने परिवहन विभाग के मनमाने रवैये के कारण उत्पन्न समस्याओं पर अपने विचार रखे, अंत में 25 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया। बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के अध्यक्ष उदय शंकर प्रसाद सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि, हड़ताल पर जाने से पहले हमलोगों ने मुख्यमंत्री समेत सभी सम्बंधित पदाधिकारियों को ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगों से अवगत कराने का फैसला किया है। इसके लिए चार सदस्यी कमिटी बनाई गई है। इस कमिटी में ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन बिहार के महासचिव राजकुमार झा के अलावा बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के चन्दन कुमार सिंह, सुधीर कुमार एवं मुन्ना कुमार शामिल हैं।
ये कमिटी सोमवार 11 अगस्त को सीएम समेत सभी पदाधिकारियों को ज्ञापन सौपेंगी, इसके बाद भी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो 25 अगस्त से पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा । इसकी सारी जवाबदेही राज्य सरकार की होगी। उन्होंने बताया कि, हमारी पांच प्रमुख समस्या है। इनमें पहला है कि पुलिस के जरिए अनावश्यक रूप से फोटो खींच कर फाइन काटना, यहां तक कि जो गाड़ी रोड में नहीं चल रही है । उसका भी चालान घर बैठे मोबाइल पर भेज दिया जा रहा । दूसरा यह है कि आरटीए बोर्ड में परमिट के नवीनीकरण में 6 महीने का समय लिया जाता है और उस पर फाइन भी लिया जाता है।
प्राइवेट बसों को स्कूल परिचालन के लिए अनुमती की मांग
तीसरा यह कि, वाहन मालिक को परेशान करने एवं नाजायज तरीके से पैसा वसूलने के नियत से परमिट प्रत्यर्पण में 6 माह से 1 साल तक का समय लिया जाता है। इसमें चौथा प्रॉब्लम ये है कि, परमिट स्वीकृति के बाद एक सप्ताह के अंदर परमिट वाहन मालिक के पास डाक के जरिए भेजने का नियम है। लेकिन अनैतिक पैसे की लालच में कार्यालय 2 महीने से 6 महीने तक परेशान करता है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को अविलंब दूर करने समेत पांचवी मांग है कि पूरे बिहार में स्कूल परिचालन के लिए प्राइवेट बसों को अनुमती मिले और अंतर्राज्यीय मार्गों पर प्राइवेट बसों का परिचालन सुनिश्चित हो।




