नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मेरठ के एक प्राथमिक विद्यालय में मध्याह्न भोजन में हिंदू छात्रों को मांस परोसने का मामला सामने आया है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर जबरन मांस खिलाने का भी आरोप लगा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने विद्यालय में पहुंचकर जमकर हंगामा किया और मुकदमा दर्ज कराया है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार कर लिया है।
मेरठ के वैदवाड़ा मोहल्ला की है घटना
गौरतलब है कि मेरठ के मोहल्ला वैदवाड़ा के प्राथमिक स्कूल में 20 छात्र पढ़ते हैं। इन बच्चों को शिक्षित करने की जिम्मेदारी वहां के प्रधानाध्यापक मोहम्मद इकबाल को है। सोमवार को स्कूल में 6 छात्र पढ़ने के लिए पहुंचे थे। जिसमें 2 बच्चे हिंदू थे व 4 बच्चे मुस्लिम थे।
प्रधानाध्यापक पर दबाव बनाकर मांस खिलाने का आरोप
जिसके बाद मध्याह्न भोजन के लिए प्रधानाध्यापक ने तीन बच्चों को बाजार भेजकर मांस मंगाया और उसे 6 बच्चों को परोस दिया। जिसका जत्तीवाड़ा के रहने वाले दोनों हिंदू छात्रों ने विरोध किया। बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि प्रधानाध्यापक ने दोनों छात्रों पर मांस खाने का दबाव बनाया। जिसके बाद एक दिव्यांग छात्र ने मांस खा लिया।
प्रधानाचार्य ने छात्रों को नाम काटने की दी धमकी
घर पहुंचने के बाद दोनों छात्रों ने मामले की जानकारी परिजनों को दी। जिसके बाद परिजन बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचे और प्रधानाचार्य को स्कूल में देखकर हंगामा कर दिया। जिसपर प्रधानाचार्य ने छात्रों को नाम काटने की धमकी देकर चुप रहने को कहा।
थाने पहुंचकर परिजनों ने किया हंगामा
जिसके बाद परिजनों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) आशा चौधरी और पुलिस को मामले के संबंध में जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस और बीएसए स्कूल पहुंचकर प्रधानाचार्य को हिरासत में ले लिया। जिसके बाद परिजन थाने भी पहुंच गए और हंगामा करना शुरू कर दिया।
प्रधानाध्यापक को किया गया निलंबित
इस संबंध में BSA ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नामांकन के लिए विद्यालय पहुंचे छात्रों को 100 रुपये देकर प्रधानाध्यापक ने मांस मंगवाया और वह विद्यालय के 6 छात्रों को परोस दिया। प्रधानाध्यापक के इस रवैये पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही मामले की जांच ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) श्याम मोहन अस्थाना को सौंपी गई है।
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