नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश की स्वतंत्रता के 77 साल पूरे होने और 78वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि 78वें स्वतंत्रता दिवस का उत्सव मनाने की तैयारी में पूरा देश जुटा हुआ है। जिसे देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि मुझे तिरंगे को लहराते देखना खुशी और उत्साह से भर देता है।
देश पुराना गौरव दोबारा प्राप्त करेगा
राष्ट्रपति ने कहा कि जिस तरह हम अपने परिवार के साथ विभिन्न त्योहार मनाते हैं, उसी तरह हम अपने गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस भी उसी तरह अपने परिवार के साथ मनाते हैं। हम उस परंपरा के हिस्सा हैं जो स्वाधीनता सेनानियों के सपनों और भावी पीढ़ियों की आकांक्षाओं को एक कड़ी में पिरोती है, जो आने वाले सालों में हमारे देश को अपना पुराना गौरव दोबारा प्राप्त करते हुए देखेंगी।
बिरसा मुंडा को लेकर भी राष्ट्रपति मुर्मू ने दी जानकारी
राष्ट्रपति ने आगे कहा कि हमने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाना शुरू किया है। अगले साल उनकी 150वीं जयंती का उत्सव राष्ट्रीय पुनर्जागरण में उनके योगदान को और अधिक सम्मान देने का अवसर होगा। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे नव-स्वाधीन राष्ट्र की यात्रा में कई बाधाएं आई हैं। न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुता के संवैधानिक आदर्शों पर दृढ़ रहते हुए हम इस अभियान के साथ आगे बढ़ रहे हैं। ताकि भारत विश्व पटल पर अपना गौरवशाली स्थान दोबारा से प्राप्त कर सके।
आज देश मना रहा विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस
राष्ट्रपति ने इस दौरान विभाजन पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज 14 अगस्त को हमारा देश विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस मना रहा है। यह विभाजन की भयावहता को याद करने का दिन है। जब हमारे देश का विभाजन हुआ तब लाखों लोगों को पलायन करना पड़ा। इस दौरान लाखों लोगों ने अपनी जान गंवा दी। स्वतंत्रता दिवस मनाने से एक दिन पहले हम उस मानवीय त्रासदी को याद करते हैं और उन परिवारों के साथ खड़े होते हैं जो छिन्न भिन्न कर दिए गए।
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