नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा कैश कांड मामले में बुरी तरह से घिरते नजर आ रहे हे। उनके खिलाफ आज संसद में महाभियोग लाने की पूरी तैयारी की जा चुकी है। अपने दिल्ली स्थित आवास पर जले हुए नोटों के ढेर मिलने के मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के लिए संसद के दोनों सदनों में स्पीकर को लेटर दिया गया है। जिसमें संसद के करीब 145 सांसदों ने साइन किए है।
जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग लाने में विपक्ष के सांसदों ने भी समर्थन दिया है। यह लेटर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को 145 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ दिया गया है, जिसमें महाभियोग प्रस्ताव लाने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा, राज्यसभा के चेयरमैन जगदीप धनखड़ को भी सांसदों ने पत्र सौंपा है।
कब पेश किया जाएगा महाभियोग प्रस्ताव
संसद का मानसून सत्र शुरु होने से पहले सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कहा कि हस्ताक्षर की प्रक्रिया चल रही है। सांसदों के हस्ताक्षरों की संख्या 100 से ज्यादा हो चुकी है। जब कैबिनेट मंत्री से कब पेश किए जाने को लेकर पूछा तो उन्होने कहा कि यह कार्य मंत्रणा समिति को तय करना है।
‘न्यायालिका में भ्रष्टाचार संवेदनशील मामला’
उन्होने इस कैश कांड के संदर्भ में कहा कि, भारतीय न्यायपालिका में भ्रष्टाचार एक अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मामला है। न्यायपालिका ही वह जगह है। जहां लोगों को न्याय मिलता है। अगर न्यायपालिका में भ्रष्टाचार होगा तो यह सभी के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने आगे कहा कि, इसलिए जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने के प्रस्ताव पर सभी सभी पार्टियों के सांसदों के हस्ताक्षर होने चाहिए। जज के खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाकर उन्हें हटाने की प्रकिया किया जा रही है।
15 करोड़ रुपए कैश बरामदगी का दावा
बता दें कि, नई दिल्ली स्थित जस्टिस वर्मा के घर पर 14 मार्च की रात आग लगी थी। घरवालों ने अग्निकांड की सूचना दमकल विभाग को दी। दमकल विभाग के टीम आग बुझाने पहुंची तो इस दौरान उनके घर पर उन्हें जले हुए नोट बरामद हुए थे। उस वक्त जस्टिस वर्मा शहर से बाहर थे। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जस्टिस वर्मा के घर से 15 करोड़ रुपए कैश की बरामदगी हुई।





