कानून संरक्षण के लिए है, शोषण के लिए नहीं! बोले प्रेमानंद महाराज, कहा-महिलाएं कर रही हैं कानून का गलत इस्तेमाल

प्रेमानंद महाराज ने समाज में महिलाओं के समर्थन में बनाए गए कानूनों के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि ये कानून महिलाओं की सुरक्षा के लिए हैं, न कि पुरुषों के शोषण के लिए है।

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Premanand Maharaj
Premanand Maharaj

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। समाज में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों को लेकर अक्सर बहस होती रहती है. इसी मुद्दे पर एक भक्त ने प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से सवाल किया कि आजकल कई जगह महिलाएं और उनके परिवार कानूनों का गलत इस्तेमाल कर पुरुषों को परेशान कर रहे हैं, ऐसे में क्या किया जाना चाहिए? इस सवाल पर प्रेमानंद महाराज ने बेहद संतुलित और साफ शब्दों में अपनी बात रखी।

हमें दुनिया की खबर नहीं रहती, लेकिन जब सुनते हैं तो दुख होता है

प्रेमानंद महाराज ने कहा कि वे न समाचार देखते हैं, न टीवी, न मोबाइल रखते हैं और न ही सांसारिक लोगों से ज्यादा मिलते हैं. इसलिए उन्हें रोज़मर्रा की घटनाओं की ज्यादा जानकारी नहीं रहती। लेकिन जब कभी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, तो समझ में आता है कि समाज किस दिशा में जा रहा है और यह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि कई बार परिवार को पता होता है कि उनकी बेटी गलत कर रही है, फिर भी वे उसका समर्थन करते हैं। महाराज के अनुसार, कुछ लोग एक नहीं बल्कि दो-तीन या चार परिवारों को भी नुकसान पहुंचाते हैं और धन की लूट करते हैं. यह समाज के लिए बहुत खतरनाक स्थिति है।

“कानून महिलाओं की रक्षा के लिए बने, शोषण के लिए नहीं”

प्रेमानंद महाराज ने साफ कहा कि महिलाओं के पक्ष में कानून इसलिए बनाए गए क्योंकि पहले समाज में महिलाओं पर बहुत अत्याचार होते थे। विवाह के बाद कई पुरुष अपनी पत्नी को दासी की तरह समझते थे, मारपीट, अपमान और अमानवीय व्यवहार आम था. ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून बनना बिल्कुल सही और जरूरी कदम था। महाराज ने आगे कहा, “ये कानून स्त्री की रक्षा के लिए हैं, पुरुषों के शोषण के लिए नहीं. जब धर्म, मर्यादा और परलोक का ज्ञान नहीं होता, तब ऐसी गलतियां होती हैं. अज्ञान में लोग यह नहीं समझ पाते कि वे क्या कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह बात सही नहीं है कि केवल महिलाएं ही गलत होती हैं. पुरुषों ने भी बहुत अत्याचार किए हैं, तभी ये कानून बने. लेकिन कानून का उद्देश्य संरक्षण है, दुरुपयोग नहीं। प्रेमानंद महाराज ने कहा कि कानून का सही इस्तेमाल होना चाहिए. उसका लाभ लें, लेकिन गलत इस्तेमाल न करें, क्योंकि अंत में न्याय भगवान ही करेंगे और तब कोई बच नहीं पाएगा। प्रेमानंद महाराज का यह संदेश साफ है कि समाज में संतुलन जरूरी है. कानून का सम्मान हो, लेकिन उसका दुरुपयोग न हो तभी समाज सच में सुरक्षित और न्यायपूर्ण बन सकता है।

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