नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । दिल्ली में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के लिए लाखों के खरीदे गए मोबाइल फोन पर सियासत शुरु हो गई है। हाल ही में सीएम और मंत्रियों के के लिए लाखों रुपये के मोबाइल फोल वाले आदेश पर दिल्ली सरकार ने सफाई दी है। सरकार के मंत्री आशीष सूद ने इसको लेकर गुरुवार (17 जुलाई) को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) पर जमकर निशाना साधा।
मंत्री आशीष सूद ने कहा, “AAP ने खुद ही कहा है कि उनके नेताओं को कुछ काम नहीं हैं, इनको काम चाहिए इसीलिए रोज मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर आरोप लगाते रहते हैं। आज AAP की टिप्पणी का जवाब देने के लिए बाध्य नही हैं। क्योंकि वह व्यक्तिगत नहीं हैं वह ईमानदारी से काम करती हुई सरकार पर है।
‘जवाब देना जरूरी’
उन्होंने कहा, हमें काम करना है इसलिए हमने कभी जवाब नहीं दिया लेकिन दो दिन पहले दी गई टिप्पणी हमारी सरकार के ऊपर थी। सरकार के मंत्री फोन को लेकर बहुत ज्यादा पैसे खर्च रहे हैं यह आरोप लगाया गया। इस आरोप का जवाब देना चाहिए।
‘मोबाइल पर होता है सरकारी काम’
दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने यह भी कहा कि, “मंत्री और जनप्रतिनिधि भी मोबाइल फोन पर सरकार का काम करते हैं। हमें जवाब देने की जरूरत नहीं है। मगर इनकी असलियत खोलने के लिए इस मोबाइल के विषय पर बात करनी जरूरी है। AAP के नेता ही अरविंद केजरीवाल की बखिया उधेड़ने के लिए ऐसे मुद्दे छोड़ देते हैं ताकि हम उनकी सच्चाई सामने लेकर आएं।”
सर्कुलर में किया बड़ा बदलाव
आशीष सूद ने आगे कहा, “साल 2013 का सर्कुलर था उसमें बढ़ोतरी करके डेढ़ लाख किया गया है। 2013 से 2025 में इसमें ओर बदलाव किया गया। CPI के आधार पर जो बदलना चाहिए था वह बढ़ा दिया गया। सिर्फ हमारे एक ही मंत्री में पैसा क्लेम किया है बाकी तो किसी ने किया भी नहीं।”
‘केजरीवाल ने खरीदे थे चार फोन’
इस मामले में मंत्री ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को भी आड़े हाथ लिया। निशाना साधते हुए कहा कि “आप के बेरोजगार नेता केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को दिखाने के लिए ऐसे मुद्दे उठाकर लेकर आते हैं। मोबाइल एक जरूरत है। जनप्रतिनिधि के लिए मोबाइल एक चलता फिरता ऑफिस है। पहला फोन उन्होंने 81000 का लिया जबकि लिमिट सिर्फ 50000 रुपये की थी। दूसरा फोन 1,63,000 का फोन लिया। जबकि अनुमति थी 50000 की थी।” ऐसे ही कुल 4 मोबाईल अरविंद केजरीवाल ने खरीदे थे।





