नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार के गोपालगंज में साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लंबे समय से विभिन्न तरीकों से लोगों को ठगने में लिप्त थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
कविलासपुर थाना पुलिस ने 17 अक्टूबर की रात साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया और उनके पास से एक करोड़ रुपये से अधिक नकद, कई एटीएम कार्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए। मामले की जांच तेजी से जारी है।
पुलिस के अनुसार, यह साइबर ठगों का गैंग लंबे समय से सक्रिय था और यह अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी मानी जा रही है। एक करोड़ से ज्यादा नकदी और सैकड़ों एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
गिरोह से जुड़े अन्यों की तलाश जारी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, छापेमारी जिस व्यक्ति के घर हुई, वह पहले चाय की दुकान चलाता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह साइबर ठगी के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में पैसा मंगवाकर उसे नकद में बदलता था। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क से कई और लोग जुड़े हैं, जिनकी तलाश जारी है।
एक करोड़ कैश-85 ATM बरामद
गोपालगंज जिले के कविलासपुर थाना क्षेत्र में साइबर फ्रॉड के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने एक मकान से 1 करोड़ 5 लाख 49 हजार 850 रुपये नकद जब्त किए हैं। इसके अलावा 85 एटीएम कार्ड, 75 बैंक पासबुक, 28 चेकबुक, कई आधार कार्ड, दो लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन और एक कार भी बरामद की गई है।
मौके से 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह फर्जी कॉल, ऑनलाइन फ्रॉड और खातों की जानकारी जुटाकर ठगी करता था। जब्त दस्तावेजों के आधार पर खातों के लेनदेन की जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल और स्थानीय थाना पुलिस मिलकर इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
बढ़ सकती हैं गिरफ्तारियां
पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े खातों की भी जांच चल रही है। तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बारे में अहम जानकारी जुटाई जा रही है, जिससे पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।





