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Wednesday, March 4, 2026
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14 साल नंगे पांव रहने वाले Rampal Kashyup को PM मोदी ने पहनाए जूते, जानिए क्यों लिया था संकल्प?

हरियाणा के कैथल जिले के गांव खेड़ी गुलाम अली के रहने वाले रामपाल कश्यप इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं। वजह यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अपने हाथों से उन्हें जूते पहनाए।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हरियाणा के कैथल जिले के गांव खेड़ी गुलाम अली के रहने वाले रामपाल कश्यप इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं। वजह यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अपने हाथों से उन्हें जूते पहनाए। रामपाल कश्यप पिछले 14 सालों से नंगे पांव चल रहे थे।

‘जब तक पीएम मोदी से नहीं मिलूंगा, जूते नहीं पहनूंगा’


रामपाल कश्यप ने 14 साल पहले एक प्रण लिया था कि जब तक नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री नहीं बनते और खुद उनसे मिलकर जूते पहनने को नहीं कहते, तब तक वे जूते या चप्पल नहीं पहनेंगे। इस दौरान वे गर्मी, सर्दी, बरसात हर मौसम में नंगे पांव ही घूमते रहे। यहां तक कि छह महीने पहले अपने बेटे की शादी में भी उन्होंने जूते नहीं पहने। रामपाल बताते हैं कि एक बार किसी ने उन्हें ताना मारा था, जिसके बाद उन्होंने ये संकल्प लिया। उन्होंने कहा, “या तो ताना मारने वाला गांव छोड़ेगा या मैं।” तभी से उन्होंने नंगे पांव चलना शुरू किया और किसी भी हालत में जूते नहीं पहने। गांव में लोग उन्हें पागल कहने लगे थे, लेकिन वे अपनी जिद पर अड़े रहे।

राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने PMO तक पहुंचाई बात


करीब 10 दिन पहले चीका में एक कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा की नजर रामपाल कश्यप पर पड़ी। उन्होंने रामपाल कश्यप से उनके नंगे पांव रहने का कारण पूछा, फिर एक वीडियो बनाकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेजा।

पीएम मोदी ने खुद पहनाए जूते, बोले – मैं भावनाओं का सम्मान करता हूं


रविवार शाम को रामपाल को पीएमओ से कॉल आया कि सोमवार को यमुनानगर आना है। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात हुई। पीएम मोदी ने उन्हें एक जोड़ी जूते गिफ्ट किए और खुद उन्हें पहनने में मदद की। “रामपाल कश्यप ने 14 साल पहले प्रण लिया था कि जब तक मैं (नरेंद्र मोदी) प्रधानमंत्री नहीं बन जाता और वे मुझसे नहीं मिलते, तब तक जूते नहीं पहनेंगे। मुझे आज उन्हें जूते पहनाने का अवसर मिला। मैं ऐसी भावनाओं का सम्मान करता हूं, लेकिन आग्रह करता हूं कि लोग इस तरह के प्रण लेने की बजाय समाज या देश हित में कार्य करने का संकल्प लें। रामपाल कश्यप के परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। वे सभी मेहनत-मजदूरी का काम करते हैं। रामपाल खुद भी मजदूरी करते हैं और 18 साल से बीजेपी के कार्यकर्ता हैं। वे 2010 में सीवन से ओबीसी मोर्चा के मंडल अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

“जूतों को श्रीराम की चरणपादुका की तरह संभाल कर रखूंगा” – रामपाल


पीएम मोदी से जूते मिलने के बाद रामपाल कश्यप ने कहा, “मेरे लिए ये पल सपना सच होने जैसा है। मैंने इन जूतों को श्रीराम की चरणपादुका मान लिया है। जब तक जिंदा रहूंगा, इन्हें संभाल कर रखूंगा।”

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