नई दिल्ली, रफ्तार जेस्क। आज लोकसभा में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर खास चर्चा होने जा रही है। इस चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसके लिए लोकसभा में कुल 10 घंटे का समय तय किया गया है। पीएम मोदी के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दूसरे वक्ता होंगे। वहीं विपक्ष की ओर से प्रियंका गांधी और गौरव गोगोई समेत कई सांसद अपनी बात रखेंगे।
राज्यसभा में कल होगी चर्चा, अमित शाह करेंगे आगाज़
लोकसभा के बाद मंगलवार को राज्यसभा में वंदे मातरम् पर बहस होगी। इस चर्चा की शुरुआत गृहमंत्री अमित शाह करेंगे, जबकि जेपी नड्डा दूसरे वक्ता होंगे। पीएम मोदी पहले ही कांग्रेस पर आरोप लगा चुके हैं कि उसने वंदे मातरम् के असली गीत से जरूरी पंक्तियां हटाईं, जिससे देश में विभाजन के बीज बोए गए। वहीं कांग्रेस का कहना है कि यह फैसला रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर लिया गया था ताकि सभी धर्मों की भावनाओं का सम्मान हो सके।
क्या बोले सपा नेता रविदास मल्होत्रा?
लोकसभा में चर्चा से पहले सपा नेता रविदास मल्होत्रा ने कहा,“वंदे मातरम् का हम सम्मान करते हैं, लेकिन किसी को इसे गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। संविधान सभी को अभिव्यक्ति की आजादी देता है।” उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई के समय यह गीत गाया गया था और इसका ऐतिहासिक महत्व है। स्वामी चक्रपाणी ने कहा, “जो वंदे मातरम् नहीं बोले, उसे पासपोर्ट, वोट का अधिकार और सरकारी सुविधाएं नहीं मिलनी चाहिए। उनके इस बयान से राजनीतिक विवाद और गहराता नजर आ रहा है। मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, “वंदे मातरम् की पहली दो पंक्तियों पर कोई आपत्ति नहीं है। मुस्लिम समाज को इससे दिक्कत नहीं है। लेकिन कुछ आगे की पंक्तियां हमारे धार्मिक विश्वास से मेल नहीं खातीं, इसलिए उन्हें न गाने की छूट संविधान देता है। उन्होंने यह भी बताया कि 1937 में कांग्रेस ने प्रस्ताव पास कर सिर्फ पहली दो पंक्तियां गाने का फैसला लिया था।





