नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। संसद का शीतकालीन सत्र हंगामे के साथ खत्म हो गया। आखिरी दिन भी लोकसभा और राज्यसभा में भारी शोर-शराबा देखने को मिला, जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र के समापन के बाद परंपरा के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से चाय पार्टी का आयोजन किया गया।
विपक्षी नेता भी हुए शामिल
इस टी पार्टी में प्रधानमंत्री मोदी के साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले समेत तमाम विपक्षी दलों के नेता मौजूद रहे। इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि आखिर इस मीटिंग में क्या-क्या बातें हुईं। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी और प्रियंका गांधी के बीच केरल के वायनाड लोकसभा क्षेत्र को लेकर बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि यह चर्चा पूरी तरह सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक रही। इसे संसद में चल रही सत्तापक्ष और विपक्ष की तीखी बहस से बिल्कुल अलग माहौल का उदाहरण माना जा रहा है।
नए संसद भवन में हॉल की मांग
बैठक के दौरान सांसदों ने प्रधानमंत्री के सामने नए संसद भवन में एक समर्पित हॉल की मांग भी रखी। इस पर एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि पुराने संसद भवन में ऐसी व्यवस्था थी, लेकिन उसका ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता था। नेताओं ने पीएम मोदी को बताया कि शीतकालीन सत्र उपयोगी रहा, लेकिन इसे और लंबा चलाया जा सकता था। सांसदों ने कहा कि देर रात तक विधेयक पारित करना आदर्श स्थिति नहीं मानी जाती। विपक्षी दलों ने पहले से ही सत्र को कम से कम एक हफ्ते बढ़ाने की मांग की थी।
हल्के-फुल्के अंदाज में हुई बातचीत
टी मीटिंग में मजाकिया लहजे में यह भी कहा गया कि विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण सत्र अपेक्षाकृत छोटा रहा। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी चुटकी लेते हुए कहा कि वह विपक्ष की आवाज पर ज्यादा जोर नहीं डालना चाहते थे। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर केरल से लोकसभा सांसद एनके प्रेमचंद्रन जैसे विपक्षी नेताओं की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ऐसे सांसद हमेशा सदन में चर्चा के लिए पूरी तैयारी के साथ आते हैं।





