नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा गिरने पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि वो सिर झुकाकर माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि 2013 में बीजेपी सरकार ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया था। तब उन्होंने अपनी नई यात्रा शुरू करने से पहले शिवाजी महाराज की समाधि पर गए थे।
शिवाजी हमेरे लिए केवल इसान नहीं भगवान हैं
उन्होंने कहा शिवाजी हमारे लिए सिर्फ नाम नहीं हैं। वह अपने भगवान के आगे सिर झुकाते हैं। हमारे मूल्य अलग हैं। हम वो लोग नहीं हैं जो भारत माता के महान सपूत, इस धरती के सपूत वीर सावरकर को अपमानित करते रहे। वो माफी मांगने के लिए तैयार नहीं हैं बल्कि कोर्ट जाकर लड़ने के लिए तैयार हैं।
पिछले साल 4 दिसंबर को किया गया था मूर्ति का अनावरण
दरअसल मुंबई में 26 अगस्त को शिवाजी महाराज की मूर्ति टूटकर गिर गई थी। इस मूर्ति का अनावरण पिछले साल 4 दिसंबर को किया गया था।
विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी से माफी मांगने की बात कही
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से माफी मांगने के लिए कहा था।
छत्रपति शिवाजी महाराज जिन्हें पूरे महाराष्ट्र और भारत में पूजा जाता है, जिन्हें हम “जनता का राजा” कहते हैं, उनकी प्रतिमा मालवन के राजकोट किले में बनाई गई थी, जिसका उद्घाटन पीएम मोदी ने किया था। इससे पहले कि वह मूर्ति पूरी हो पाती, मालवन के राजकोट किले में लगी उनकी मूर्ति सिर्फ 8 महीने में ढह गई। साफ है कि इसमें भ्रष्टाचार है. मोदी जी आप कब माफ़ी मांगोगे।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को वधवन बंदरगाह की आधारशिला रखी। पीएम ने आज पालघर में कई विकास कार्यों का भी शुभारंभ किया। इस दौरान ही उन्होंने अपने भाषण के दौरान यह सब बाते कही थी।





