नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मानव इतिहास का बड़ा बदलाव है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है और AI के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
अंतरराष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी
इस वैश्विक समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी शामिल हुए। समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। 500 से अधिक AI लीडर्स, 100 से ज्यादा सरकारी प्रतिनिधि, 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, करीब 60 मंत्री और 150 से अधिक शिक्षाविद और शोधकर्ता मौजूद रहे।
“AI को खुला आसमान देना जरूरी, लेकिन…”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमें AI को खुला आसमान भी देना है और कमांड भी अपने हाथों में रखना है। जैसे GPS हमें रास्ता दिखाता है, लेकिन अंतिम फैसला हमारा होता है। AI को जिस दिशा में ले जाएंगे, भविष्य वैसा ही होगा। उन्होंने कहा कि AI मशीनों को होशियार बना रही है, लेकिन इससे भी ज्यादा इंसानी क्षमता को कई गुना बढ़ा रही है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार बदलाव की रफ्तार और दायरा दोनों अभूतपूर्व हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि भविष्य में AI क्या कर सकती है, बल्कि यह है कि आज हम AI के साथ क्या कर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि न्यूक्लियर पावर की तरह AI के भी सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि इंसान सिर्फ “डेटा पॉइंट” बनकर न रह जाए। मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है और युवा तेजी से AI को अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समिट में युवाओं की बड़ी भागीदारी एक नया विश्वास पैदा करती है। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अपने संबोधन में कहा कि AI का भविष्य कुछ अरबपतियों की मर्जी पर नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने ग्लोबल साउथ देशों की भूमिका की भी सराहना की। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के डिजिटल सिस्टम और डिजिटल पेमेंट मॉडल की तारीफ की और कहा कि भारत ने एक मजबूत टेक इकोसिस्टम बनाया है।
100 से ज्यादा देशों की भागीदारी
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में फ्रांस, ब्राजील, श्रीलंका, मॉरीशस और यूएई समेत कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए। यह समिट भारत की टेक्नोलॉजी और डिजिटल ताकत को वैश्विक मंच पर दिखाने का बड़ा मौका माना जा रहा है।





