नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनकी बेटी वीना टी विजयन के खिलाफ गंभीर धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। देश की प्रमुख जांच एजेंसी सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस SFIO ने उनके खिलाफ 2.73 करोड़ रुपये के फर्जी लेन-देन के मामले में चार्जशीट दाखिल की है।
क्या है पूरा मामला?
वीना विजयन की फर्म एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस ने कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से आईटी सेवाओं के लिए करोड़ों रुपये लिए, लेकिन SFIO की जांच में सामने आया कि इन सेवाओं का कोई सबूत नहीं है। यानी फर्म को पैसे बिना किसी काम के दिए गए। यह मामला सबसे पहले अगस्त 2023 में सामने आया था, जब आयकर विभाग की रिपोर्ट में इस फर्जीवाड़े की बात सामने आई। रिपोर्ट में कहा गया कि 2017 से 2020 के बीच CMRL ने एक्सालॉजिक को 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि कोई सेवा नहीं दी गई थी। SFIO ने इस मामले में 160 पन्नों की चार्जशीट में 25 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें वीना विजयन, CMRL के प्रबंध निदेशक शशिधरन कार्था, अन्य अधिकारी, लेखा परीक्षक और कई कंपनियां शामिल हैं। जांच में CMRL में 182 करोड़ रुपये की गड़बड़ी के भी सबूत मिले हैं।
क्या कहती है SFIO की रिपोर्ट?
SFIO के अनुसार, दोनों कंपनियों के बीच एक समझौता हुआ था, लेकिन उसके तहत दी गई सेवाएं फर्जी थीं। यह एक सोची-समझी धोखाधड़ी मानी जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपियों ने कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 447 का उल्लंघन किया है, जो कॉर्पोरेट धोखाधड़ी से जुड़ा है। अगर वीना विजयन और अन्य आरोपी दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें 6 महीने से लेकर 10 साल तक की जेल और धोखाधड़ी की रकम का तीन गुना जुर्माना देना पड़ सकता है। अगर कोर्ट को लगे कि यह जनता से जुड़ा मामला है, तो सजा में 3 साल का और इज़ाफा हो सकता है। इस मामले को लेकर केरल की राजनीति में हलचल मच गई है। विपक्षी दल कांग्रेस और बीजेपी ने मुख्यमंत्री विजयन से इस्तीफे की मांग की है। उनका कहना है कि जब मुख्यमंत्री की बेटी पर आरोप हैं, तो निष्पक्ष जांच मुश्किल हो सकती है। वीना विजयन केरल के पर्यटन मंत्री मोहम्मद रियास की पत्नी भी हैं, जिससे यह मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है। हाल ही में हाई कोर्ट ने भी इस मामले में जांच की मांग करने वाली याचिकाएं खारिज कर दी थीं। पिनराई विजयन को केरल में एक ईमानदार नेता की छवि मिली हुई है। लेकिन अब उनकी बेटी पर लगे आरोपों ने उनकी साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं, ऐसे में यह मामला राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।





