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ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स को छोड़ने की मैट्रिक्स सेलुलर सर्विसेज की ओर से दायर याचिका खारिज

नई दिल्ली, 27 मई (हि.स.)। दिल्ली हाईकोर्ट ने पकड़े गए ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स को छोड़ने के लिए मैट्रिक्स सेलुलर सर्विसेज की ओर से दायर याचिका खारिज कर दिया है। जस्टिस योगेश खन्ना की बेंच ने कहा कि ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट के तहत जारी नोटिफिकेशन में ड्रग्स है, इसलिए पुलिस ने जब्त कर कोई गैरकानूनी काम नहीं किया है। पिछले 8 मई को कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने कहा कि पिछले 11 फरवरी को सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसके तहत कोई भी उपकरण जो बीमारी के इलाज के लिए जरूरी हो ड्रग्स की श्रेणी में आएगा। कोर्ट ने कहा कि एफआईआर और याचिकाकर्ता की ओर से पेश रसीद और बिल को पढ़ने से साफ है कि ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स को काफी लाभ के लिए गैरकानूनी तरीके से लोगों को बेचे गए। कोर्ट ने इस तथ्य पर गौर किया कि याचिकाकर्ता ने बिना इस बात की जांच किए ही ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स ऊंचे दाम पर बेच दिए कि वे ठीक से काम कर रहे हैं कि नहीं। याचिकाकर्ता ने ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स लोगों को तब ऊंचे दाम पर बेचे जब पूरे देश में कोरोना का संक्रमण काफी ज्यादा था और ऑक्सीजन सिलेंडर और कंसेंट्रेटर की काफी किल्लत थी। सुनवाई के दौरान मैट्रिक्स सेलुलर की ओर से वकील मोहित माथुर, त्रिदिप पेस औऱ समुद्र सारंगी ने कहा था कि जब दिल्ली पुलिस ने ऑक्सीजन कंसेट्रेटर्स तब जब्त किया जब दिल्ली में लोगों को ऑक्सीजन कंसेट्रेटर्स की सख्त जरूरत थी। उन्होंने कहा था कि पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में किसी अपराध का खुलासा नहीं किया गया है। पुलिस ने ऐसा कर गैरजिम्मेदाराना व्यवहार का परिचय दिया है। पिछले 7 मई को हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। मैट्रिक्स सेलुलर सर्विसेज के सीईओ गौरव खन्ना को इस मामले में पिछले 7 मई को गुड़गांव से गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने खान मार्केट के एक रेस्टोरेंट से ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर बरामद किया था। उसके बाद पुलिस ने छतरपुर में छापा मारकर एक आरोपित को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने 387 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर मेट्रिक्स सेलुलर कंपनी के वेयरहाउस से बरामद किया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गौरव, सतीश सेठी, विक्रांत और हितेश को गिरफ्तार किया था। इन सभी को जमानत मिल चुकी है। पिछले 12 मई को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने इन सभी को जमानत दी थी। इस मामले में नवनीत कालरा अभी भी जेल में बंद है। हिन्दुस्थान समाचार/संजय

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