नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पटना हाईकोर्ट ने बिहार के 42 विधायकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। ये नोटिस चुनाव याचिकाओं पर सुनवाई के बाद जारी किए गए हैं। संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव हारने वाले उम्मीदवारों ने जीतने वाले विधायकों के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
क्या हैं आरोप?
याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि चुनाव के दौरान वोटों में अनियमितता (वोट चोरी) हुई और चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी दी गई। कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद सभी विधायकों को तय समय सीमा के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
किन-किन नेताओं को मिला नोटिस?
नोटिस पाने वाले प्रमुख नेताओं में वित्त और ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव (जेडीयू), बीजेपी विधायक जिवेश मिश्रा, जेडीयू विधायक चेतन आनंद, गोह से आरजेडी के विधायक अमेंद्र प्रसाद समेत अन्य पक्ष-विपक्ष के विधायक शामिल हैं। आने वाले दिनों में अब इस मामले में आगे की सुनवाई होगी। अगली सुनवाई में अदालत संबंधित पक्षों के जवाब और साक्ष्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगी। फिलहाल कोर्ट ने सभी विधायकों से जवाब दाखिल करने को कहा है। ऐसे में देखना होगा कि आने वाले दिनों में ये विधायक अपने बचाव में क्या-क्या दस्तावेज कोर्ट में पेश करते हैं। अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो कई विधायकों की सदस्यता पर भी खतरा मंडरा सकता है।
14 नवंबर 2025 को आए थे नतीजे
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर 2025 को घोषित हुए थे। चुनाव में एनडीए को बड़ी जीत मिली थी। बीजेपी को 89 और जेडीयू को 85 सीटें मिली थीं। आरजेडी 25 सीटों पर सिमट गई थी, जबकि कांग्रेस को 6 सीटें मिली थीं। चिराग पासवान की पार्टी ने 19 सीटें जीती थीं। जीतन राम मांझी की पार्टी को 5 सीटें मिलीं। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी।





