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Friday, March 20, 2026
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नौसेना अकादमी से पास आउट होकर 152 प्रशिक्षु बने अधिकारी

– प्रशिक्षुओं को विदाई देने के लिए ऑल्ड लैंग सिन धुन बजाई गई – मेधावी मिडशिपमैन और कैडेट्स को पदक प्रदान किए गए नई दिल्ली, 29 मई (हि.स.)। भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए) से शनिवार को 152 प्रशिक्षु एक शानदार पासिंग आउट परेड (पीओपी) में शामिल हुए। एझिमाला (केरल) स्थित भारतीय नौसेना अकादमी से अपना प्रशिक्षण पूरा करने वालों में 100 आईएनएसी के मिडशिपमैन, 30 ए नेवल ओरिएंटेशन कोर्स (विस्तारित) और 32 नेवल ओरिएंटेशन कोर्स के कैडेट्स हैं। प्रशिक्षुओं को विदाई देने के लिए ऑल्ड लैंग सिन धुन बजाई गई जिस पर पास आउट हुए छात्रों ने मार्च किया। इस मौके पर मेधावी मिडशिपमैन और कैडेट्स को पदक प्रदान किए गए। परेड की समीक्षा पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल अजेंद्र बहादुर सिंह थे जिन्होंने मेधावी मिडशिपमैन और कैडेट्स को पदक प्रदान किए। आईएनए के कमांडेंट वाइस एडमिरल एमए हम्पीहोली परेड के संचालन अधिकारी थे। भारतीय नौसेना अकादमी से बी.टेक पाठ्यक्रम के लिए राष्ट्रपति का स्वर्ण पदक मिडशिपमैन मोहित भूरिया को प्रदान किया गया। इसके अलावा आईएनएसी बी टेक कोर्स के लिए सीएनएस रजत पदक-। मिडशिपमैन रोहित डागरी को, आईएनएसी बी टेक कोर्स के लिए एफओसी-इन-सी दक्षिण कांस्य पदक-मिडशिपमैन गौरव कुमार को, एनओसी (नियमित) के लिए सीएनएस स्वर्ण पदक कैडेट आकांक्षा मेहरा को, कमांडेंट, आईएनए एनओसी (नियमित) के लिए रजत पदक कैडेट रितिका मिश्रा को और सबसे होनहार महिला प्रशिक्षु के लिए ज़मोरिन ट्रॉफी कैडेट वैशाली मिश्रा को दी गई। पासिंग आउट परेड में सफल प्रशिक्षु अपनी चमचमाती तलवारों और राइफलों के साथ स्लो मार्च में सलामी मंच के सामने से गुजरे। इसके बाद भारतीय नौसेना अकादमी से प्रशिक्षुओं को विदाई देने के लिए ऑल्ड लैंग सिन धुन बजाई गई जिस पर पास आउट हुए छात्रों ने मार्च किया। यह मार्मिक विदाई धुन दुनिया भर में सशस्त्र बल अपने सहयोगियों और साथियों को विदाई देने के लिए बजाते हैं। वाइस एडमिरल अजेंद्र बहादुर सिंह ने परेड में प्रशिक्षुओं को उनके त्रुटिहीन टर्न आउट, स्मार्ट ड्रिल और परेड के लिए बधाई दी।समीक्षा अधिकारी ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कर्तव्य, सम्मान और साहस के मूल मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि सशस्त्र बल देश की रक्षा का सबसे मजबूत स्तंभ हैं और उन्हें हर बार खुद को साबित करना होता है, चाहे वह भूमि या समुद्री सीमाओं पर संघर्ष की स्थिति हो या कोविड महामारी, प्राकृतिक आपदा हो। हाल ही में चक्रवात यास और ताउते के दौरान नौसेना ने खोज और बचाव अभियान चलाया है। समीक्षा अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उत्तीर्ण प्रशिक्षुओं को कठोर प्रशिक्षण के सफल समापन के लिए बधाई दी। यह नए-नवेले अधिकारी अब विशेष क्षेत्रों में अपने प्रशिक्षण को और मजबूत करने के लिए नौसेना के विभिन्न जहाजों और प्रतिष्ठानों में जाएंगे। हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत

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