नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। संसद भवन की सुरक्षा में एक बार कुछ लोगों ने सेंध लगाने की कोशिश की। लेकिन सीआईएसएफ के जवानों ने इन लोगों को इस चाल को नाकाम कर दिया। दराअसल, मंगलवार को सीआईएसएफ के जवानों ने तीन संदिग्ध लोगों को उस समय पकड़ लिया जब वो फर्जी आधार कार्ड के जरिए पार्लियामेंट में घुसने की कोशिश कर रहे थे। तीनों लोगों ने एक ही आधार कार्ड का उपयोग करके संसद भवन में एंट्री ली थी। जिसके बाद CISF ने तीनों मजदूरों को गिरफ्तार कर लिया।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 4 जून को आईजी-3 गेट के माध्यम से तीन लोग जिनके नाम कासिम, मोनिस और सोयेब बताए जा रहे हैं। इन तीनों ने खुद को मजदूर बताकर संसद के हाई सिक्योरिटी एरिया में घुसने की कोशिश कर रहे थे। इन तीनों ने व्यक्तिगत फोटो के साथ एक ही आधार कार्ड नंबर-763767140501 के संसद भवन जरिए घुसने की कोशिश की। संसद की सुरक्षा टीम ने जब इनके दस्तावेज चेक किए तो इन सब के एक ही आधार नंबर मिले जिसमें अलग अलग लोगों की फोटो लगी थी, जिसके बाद सुरक्षा टीम ने इनसे पूछताछ की, और सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
दिल्ली पुलिस का आया बयान
पुलिस ने इन पर फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने, अपराध की साजिश करने, धोखा देने जैसी धारा में मामला दर्ज किया है। फिलहाल तीनों से पूछताछ की जा रही है और उनके असली नाम और आधार की जानकारी निकालने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली पुलिस के अनुसार इनकी पहचान कासिम, मोनिस और शोएब के रूप में हुई है।
पहले भी संसद की सुरक्षा में लगी थी सेंध
गौरतलब है कि पहले भी संसद की सुरक्षा में सेंध लग चुकी है। पिछले साल ही 13 दिसंबर को संसद भवन की सुरक्षा में सेंधमारी की बड़ी घटना सामने आई थी। जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दो लोग दर्शक दीर्घा से सदन के भीतर कूद गये थे। दोनों ने सदन में केन के जरिये पीले रंग का धुआं फैला दिया था। इस दौरान ही नीलम आजाद और शिंदे ने संसद परिसर में नारे लगाए थे। इस मामले के बाद नए संसद भवन की सिक्योरिटी का जिम्मा सीआईएसएफ को सौंपा गया था।
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