नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज सोमवार से शुरू हो गया है। जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने मणिपुर की स्थिति को लेकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी सांसद “मणिपुर जल रहा है” के नारे लगाने लगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी सांसदों से शांति बनाए रखने और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की।
विपक्ष का केंद्र पर हमला, कई मुद्दों पर घेरेगी सरकार
इस सत्र में विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरने के लिए कई मुद्दे तैयार किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से अमेरिका के दबाव में टैरिफ में कटौती और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी वक्फ संशोधन विधेयक परिसीमन से जुड़ी चिंताएं राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत तीन-भाषा नियम राज्यसभा में विपक्ष ने इन मुद्दों पर चर्चा के लिए 12 स्थगन प्रस्ताव पेश किए, लेकिन राज्यसभा उपसभापति हरिवंश सिंह ने सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की।
बजट पास कराना और नए कानून लाना
इस सत्र में केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य बजटीय प्रक्रिया को पूरा करना और कुछ अहम विधेयकों को पास कराना है। वक्फ संशोधन विधेयक,सरकार इसे जल्द से जल्द पारित करवाना चाहती है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इससे मुस्लिम समुदाय के कई मुद्दों का समाधान होगा। अनुदानों की मांग,सरकार विभिन्न योजनाओं के लिए संसदीय मंजूरी लेगी। मणिपुर के लिए बजट, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण विशेष बजट पेश करेंगी। डीएमके सांसद डॉ. टी. सुमति ने तमिलनाडु में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि क्या केंद्र सरकार उन राज्यों की फंडिंग नहीं रोकेगी जो इस नीति को लागू नहीं कर रहे हैं? इस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि डीएमके तमिलनाडु के छात्रों के भविष्य के साथ खेल रही है और शिक्षा को राजनीति से जोड़ रही है।
4 अप्रैल तक चलेगा बजट सत्र का दूसरा चरण
संसद का यह सत्र 4 अप्रैल तक चलेगा और इसमें कुल 20 बैठकें होंगी। पहले चरण की कार्यवाही 13 फरवरी तक चली थी। अब इस चरण में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कई महत्वपूर्ण बहसें होने की उम्मीद है। संसद के दोनों सदनों में गरमागरम चर्चाओं और टकराव का सिलसिला जारी रह सकता है।





