नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उदयभानु चिब की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एआई समिट में विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद विपक्षी दल केंद्र सरकार और बीजेपी पर हमलावर हो गए हैं। पप्पू यादव ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए गिरफ्तारी को लेकर सवाल खड़े किए और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
एक्स पोस्ट में उठाया ‘गलगोटिया’ का मुद्दा
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने मंगलवार को अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में लिखा कि एआई समिट में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, लेकिन “देश का नाम डुबाने” वालों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने सीधे तौर पर गलगोटिया यूनिवर्सिटी का नाम लेते हुए सवाल उठाया कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अपने पोस्ट में उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि क्या इसलिए कि वह “बीजेपी का लंगोटिया” है?
पहले भी AI समिट को लेकर साधा था निशाना
यह पहला मौका नहीं है जब पप्पू यादव ने एआई समिट को लेकर सरकार पर हमला बोला हो। इससे पहले भी उन्होंने प्रधानमंत्री और सरकार पर कटाक्ष करते हुए एआई (AI) की व्याख्या को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी की थी। उनके बयानों से साफ है कि विपक्ष इस पूरे प्रकरण को राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुटा है।
क्या है रोबोडॉग विवाद?
एआई समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर एक रोबोडॉग प्रदर्शित किया गया था। यूनिवर्सिटी की ओर से दावा किया गया कि इसे छात्रों ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विकसित किया है। हालांकि सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने दावा किया कि यह मॉडल चीन की एक कंपनी का उत्पाद है, जो ऑनलाइन उपलब्ध है। विवाद बढ़ने के बाद समिट आयोजकों ने संबंधित स्टॉल को बंद करवा दिया। इस घटना ने समिट की साख पर भी सवाल खड़े कर दिए।
गिरफ्तारी पर विपक्ष का हमला
उदयभानु चिब की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का अधिकार है। वहीं बीजेपी की ओर से अब तक इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में संसद और सड़क दोनों जगह गूंज सकता है।


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