नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। नौकरी की तलाश में भारत आए 3 बांग्लादेशी नागरिकों की मेडिकल टेस्ट के नाम पर किडनी निकाल ली गयी। पुलिस ने इन बांग्लादेशी नागरिकों के बयानों को आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत दर्ज किया है। इन तीनों बांग्लादेशी नागरिकों की कहानी बहुत ही दर्दनाक है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के तीन पीड़ित नागरिकों में से एक 30 वर्षीय नागरिक का कहना है कि उसको पुलिस ने किडनी तस्करी गिरोह के चंगुल से बचा तो लिया है, लेकिन उसके समझ में नहीं आ रहा है कि क्या वह इस साल ईद मनाए या नहीं। क्यूंकि वह अपनी एक किडनी खो चुका है।
किडनी दान न करने पर उसे भारत से वापस बांग्लादेश नहीं भेजा जाएगा
इस बांग्लादेशी नागरिक का कहना है कि आग लगने की वजह से उसका कपड़ो का बिजनेस खत्म हो गया था। उसका कहना है कि उसने 8 लाख टका लोन लिया हुआ था, जिसमे से उसने 3 लाख टका लोन चुका दिया था। वह वित्तीय संकट के कारण बहुत परेशान था। जिसके बाद उसके एक दोस्त ने उसे भारत जाकर नौकरी करने की सलाह दी थी। जिसके लिए उसको पासपोर्ट और मेडिकल वीजा का प्रबंध करना था।
जब वह 1 जून 2024 को भारत पहुंचा तो उससे कहा गया कि नौकरी नहीं है। बांग्लादेशी नागरिक ने बताया कि उसपर किडनी दान करने का दवाब बनाया गया था। जब उसने ऐसा करने से मना किया तो किडनी तस्करों ने उसका पासपोर्ट और वीजा रोक दिया था। उसे धमकी दी गयी थी कि किडनी दान न करने पर उसे भारत से वापस बांग्लादेश नहीं भेजा जाएगा।
पुलिस ने तीनों की गवाही पर आरोपपत्र दाखिल कर दिया हैं
इसी तरह की कहानी दो अन्य पीड़ित बांग्लादेशी नागरिकों की है, इन दोनों बांग्लादेशी नागरिकों से किडनी तस्करों ने कहा कि आपको नौकरी के लिए मेडिकल टेस्ट देना होगा। जिसके बाद दोनों पीड़ित बांग्लादेशी नागरिकों की मेडिकल टेस्ट के नाम पर किडनी निकाल ली गयी। किडनी तस्करों ने उनसे अपना पलड़ा छुड़ाने के लिए उनके बैंक खाते में 4 लाख टका और 4.5 लाख टका जमा करा दिया। जिसके बाद किडनी तस्करी गिरोह ने उन्हें बांग्लादेश वापस जाने की सलाह दी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुपुलिस ने तीनों की गवाही पर आरोपपत्र दाखिल कर दिया हैं और जल्द ही इसको लेकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाएगी। वहीं तीनो पीड़ित बांग्लादेशी नागरिक अपने देश वापस लौट चुके हैं।सार





