नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारतीय सेना ने गुरुवार रात जम्मू के कई शहरों को निशाना बनाकर पाकिस्तान द्वारा दागी गई मिसाइलों को रोकने में सफलता हासिल की है। इस बीच, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उत्तर भारत के कम से कम 24 हवाई अड्डों पर नागरिक उड़ानें अगले आदेश तक निलंबित कर दी गई हैं।
यह कदम ऑपरेशन सिंदूर के तहत एहतियाती उपायों के तहत उठाया गया है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत सशस्त्र बलों ने बुधवार को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी शिविरों पर हमला कर पिछले महीने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का बदला लिया था जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
जम्मू, राजस्थान, पंजाब में ड्रोन हमले
यह आदेश पाकिस्तान द्वारा जम्मू, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमलों की श्रृंखला शुरू करने के बाद जारी किया गया। बुधवार देर शाम से ही जम्मू में पूरा अंधेरा छाया हुआ था और नागरिकों ने बताया कि आसमान में मिसाइल की धारियां देखी गईं। जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक शेष पॉल वैद ने कहा, “जम्मू में पूरी तरह अंधेरा है, तेज धमाके, बम धमाके, गोलीबारी या मिसाइल हमले की आशंका है। घबराइए नहीं, माता वैष्णवी देवी और भारतीय सशस्त्र बल भी हमारे साथ हैं।”
ये 24 एयरपोर्ट बंद रहेंगे
नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, अमृतसर, लुधियाना, भुंतर, किशनगढ़, पटियाला, शिमला, कांगड़ा-गग्गल, बठिंडा, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, हलवारा, पठानकोट, जम्मू, लेह, मुंद्रा, जामनगर, हीरासर (राजकोट), पोरबंदर, केशोद, कांडला और भुज के हवाई अड्डे अगली सूचना तक नागरिक यात्रा के लिए बंद रहेंगे।
वहीं, नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो ने हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन में आगंतुकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है तथा सुरक्षा उपायों को बढ़ाने के तहत सभी उड़ानों के लिए सुरक्षा जांच कड़ी कर दी है। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के एक हिस्से के रूप में, नागरिक विमानन सुरक्षा ब्यूरो ने सभी हवाई अड्डों पर सभी उड़ानों के लिए द्वितीय सीढ़ी बिंदु जांच अनिवार्य कर दी है। सामान्यतः इसका अर्थ विमान में चढ़ने से पहले यात्रियों और उनके साथ लाए गए सामान की जांच करना होता है।





