नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि यह भारत की नई रणनीति और सख्त रुख का प्रतीक है। दिल्ली में आयोजित बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के अलंकरण समारोह में गृहमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना और बीएसएफ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश की सुरक्षा के लिए वो किसी भी हद तक जा सकते हैं।
आतंकी हमलों का मिला करारा जवाब
गृहमंत्री ने कहा, “पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों को धर्म पूछकर मारा गया, यह पाकिस्तान प्रेरित आतंकवादियों का काम था। लेकिन अब हम चुप नहीं बैठते। ऑपरेशन सिंदूर उस सोच का नतीजा है जहां हम पहले की तरह रक्षात्मक नहीं बल्कि जवाबी कार्रवाई करते हैं। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा में 100 किलोमीटर तक घुसकर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और सफलतापूर्वक कार्रवाई की।
जैश, लश्कर और हिज्बुल को चेतावनी
अमित शाह ने आतंकी संगठनों के नाम गिनाते हुए कहा, “जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, हिज्बुल मुजाहिद्दीन – ये सब भारत में दहशत फैलाना चाहते थे, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने उनका हौसला तोड़ दिया है। अमित शाह ने बताया कि 2014 के बाद भारत ने अपने जवाब देने के तरीके को बदला है। “उरी और पुलवामा के बाद हमने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक किए। अब पहलगाम के हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया है कि भारत अब चुप नहीं बैठता।
BSF की वीरता को सलाम
गृहमंत्री ने कहा, “बीएसएफ हो, सेना हो या अन्य सुरक्षा बल – हर किसी ने आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ वीरता दिखाई है। चाहे युद्ध घोषित हो या न हो, हमारे जवान एक इंच भी पीछे नहीं हटते। पाकिस्तान को अब ये समझ लेना चाहिए कि भारत की हर जवाबी कार्रवाई निर्णायक होती है। ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि एक सशक्त संदेश है, अब भारत अपनी सुरक्षा के मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगा। गृहमंत्री अमित शाह के मुताबिक, यह प्रधानमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति, सेना की ताकत और खुफिया जानकारी की सटीकता का नतीजा है।





