नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र सरकार ने गौ-तस्करी मामले में बड़ा ऐलान किया है। अब गौ-तस्करों से सख्ती से निपटा जाएगा। महाराष्ट्र विधानसभा में गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि, गौ-तस्करी की बढ़ती वारदातों को रोकने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। अब गौ-तस्करी के मामले में विशेष कार्रवाई की जाएगी, ताकि दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
MCOCA तहत होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा, यदि कोई गौ-तस्कर गायों की तस्करी मामले में बार-बार पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत कार्रवाई की जाएगी। सीएम फडणवीस ने कहा कि, राज्य सरकार गौ-तस्करी के मामलों पर सख्ती से नजर रखी हुई है। और इस अपराध को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि, अगर कोई शख्स बार-बार ऐसे मामलों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ मकोका (MCOCA) जैसे सख्त कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
एमपी में भी लागू होगा ऐसा कानून
मध्य प्रदेश सरकार भी गौ-तस्करों के खिलाफ सख्त कानून बनाने पर कदम उठाया है। प्रदेश की मोहन सरकार ने एक नोटिफिकेशन भी निकाल था, पिछले साल मानसून सत्र में विधेयक लाया गया था, जो पारित हो गया था। इस विधेयक को राज्यपाल से अनुमति मिलते ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया था। वहीं, नए कानूनों के तहत राजस्थान में गौ-तस्करी के मामलों में दोषी पाए जाने पर आरेापी को सीधे 7 साल की सजा होगी।
हरियाणा पुलिस को भी मिल चुका पावर
गौ-तस्करी मामले में हरियाणा पुलिस भी सख्त है। इस तरह के बढ़ते वारदात को लेकर एक कड़ा कानून लाई है। हरियाणा एक कड़ा गौवंश और गौसंवर्धन कानून बना चुका है। इस कानून में पुलिस अधिकारियों का पावर बढ़ाया गया है। पहले पुलिस सिर्फ SDM की मौजूदगी में ही गौ-मांस और वाहन को जब्त कर सकती थी, लेकिन नए प्रस्ताव के मुताबिक, हरियाणा पुलिस के सब इंस्पेक्टर को भी गौ-मांस और वाहन जब्त करने की पावर मिल चुकी है।





