नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। दिल्ली-गुरुग्राम को जोड़ने वाले द्वारका एक्सप्रेसवे और NH-48 पर अब AI आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) शुरू हो गया है। यह भारत का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे है, जहां पूरे 56 किलोमीटर के हिस्से में अत्याधुनिक तकनीक से ट्रैफिक की निगरानी होगी।
हर 1 किलोमीटर पर हाईटेक कैमरे, कुल 110 कैमरे रखेंगे हर मूवमेंट पर नजर
इस एक्सप्रेसवे पर हर 1 किमी पर हाई-क्वालिटी कैमरे लगाए गए हैं। कुल 110 कैमरे दिन-रात ट्रैफिक पर नजर रखेंगे। ये कैमरे AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े हैं, जो खुद ही हादसा, गाड़ी की खराबी या कोई नियम उल्लंघन की पहचान कर लेते हैं और तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजते हैं।
हादसा, कोहरा, या रोड पर जानवर – सब पर मिलेगा तुरंत रेस्पॉन्स
AI सिस्टम सिर्फ ट्रैफिक ही नहीं, बल्कि हादसे, खराब मौसम, कोहरे, रास्ते में जानवरों के आ जाने जैसी स्थितियों को भी तुरंत पहचानता है। जैसे ही कोई गड़बड़ी होती है, कंट्रोल रूम को अलर्ट मिल जाता है और वहीं से तुरंत एम्बुलेंस, क्रेन या पेट्रोलिंग गाड़ी भेज दी जाती है।
चालान भी भेजेगा खुद, नंबर प्लेट पढ़ेगा ऑटोमैटिक
इस सिस्टम में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडिंग टेक्नोलॉजी (ANPR) भी लगी है। यह ओवरस्पीड, गलत लेन, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट जैसी गलतियों को पकड़कर सीधे चालान जारी करता है। डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड देंगे ड्राइवर को रीयल टाइम जानकारी रास्ते में डिजिटल बोर्ड लगाए गए हैं जो आपकी गाड़ी की स्पीड दिखाते हैं ओवरस्पीडिंग पर अलर्ट देते हैं ट्रैफिक, मौसम और डायवर्जन की सूचना भी देते हैं
बिजवासन टोल प्लाजा बना कंट्रोल रूम सेंटर
सभी गतिविधियां बिजवासन टोल प्लाजा पर बने कंट्रोल रूम से संचालित होती हैं। वहां से अधिकारी कैमरे की लाइव फीड देखते हैं एम्बुलेंस, पुलिस, क्रेन को जरूरत पड़ने पर भेजते है और पूरे हाईवे को रीयल टाइम मॉनिटर करते हैं AI आधारित यह ट्रैफिक सिस्टम ना सिर्फ सड़क सुरक्षा बढ़ाएगा, बल्कि हादसों में होने वाली देरी को भी घटाएगा। द्वारका एक्सप्रेसवे अब सिर्फ तेज नहीं, बल्कि स्मार्ट और सुरक्षित सफर का नया उदाहरण बन गया है।




