नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधान परिषद में मंगलवार (10 फरवरी 2026) को बजट सत्र के दौरान जमकर हंगामा हुआ। आरजेडी के एमएलसी सुनील सिंह और जेडीयू के मंत्री अशोक चौधरी के बीच तीखी बहस इतनी बढ़ गई कि हाथापाई जैसी स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख मार्शलों को बीच-बचाव करना पड़ा। इसके बाद सभापति ने विपक्ष के सभी सदस्यों को पूरे दिन के लिए सस्पेंड कर दिया।
नीतीश–राबड़ी विवाद बना हंगामे की वजह
सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के बीच हुई नोकझोंक को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को भी सदन में जोरदार विरोध और नारेबाजी हुई, जिससे कार्यवाही प्रभावित रही। जेडीयू विधायक श्याम रजक ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच देवर-भौजाई का रिश्ता है और उनके बीच की छींटाकशी पर किसी और को टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भौजाई कुछ कहेंगी तो देवर का जवाब देना स्वाभाविक है।
विपक्ष का वॉकआउट और तीखा हमला
लॉ एंड ऑर्डर और कथित अमर्यादित भाषा के मुद्दे पर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया। आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा राबड़ी देवी के साथ किया गया व्यवहार महिलाओं का अपमान है और उन्हें सदन में माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की भाषा मर्यादा के खिलाफ है। भाकपा माले के विधायक संदीप सौरभ ने भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और सरकार जवाब देने से बच रही है। उन्होंने नीतीश कुमार के बयान को लेकर कड़ी आलोचना की। बिहार में बजट सत्र के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। सदन में हुए हंगामे के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।


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