नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। नई सरकार के गठन के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की पहली बैठक हुई। इस बैठक में कुल 6 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मंजूरी दी गई। फैसलों का फोकस रोज़गार, उद्योग और बेहतर शहरी विकास पर रहा।
बंद चीनी मिलें होंगी बहाल, कुल 25 मिलों का संचालन
बैठक में सबसे बड़ा फैसला चीनी उद्योग को फिर से खड़ा करने को लेकर हुआ। बिहार में इस समय 9 चीनी मिलें बंद हैं। सरकार ने फैसला किया कि कुल 25 चीनी मिलें पुरानी और नई दोनों चालू की जाएंगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और गन्ना किसानों को भी राहत मिलेगी।
बिहार बनेगा नया टेक्नोलॉजी हब
सरकार ने राज्य को पूर्वी भारत का बड़ा टेक हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। योजना के तहत बनेगी डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी इससे उच्च तकनीकी क्षेत्रों में रोज़गार के बड़े मौके बनेंगे। बेहतर और आधुनिक शहरी विकास के लिए सरकार ने राज्य में 11 नई योजनाबद्ध टाउनशिप बनाने की मंजूरी दी है। इससे शहरों पर जनसंख्या का दबाव कम होगा और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
युवाओं के लिए नए अवसर
बिहार के प्रतिभाशाली युवाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय अवसर देने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनेगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष समिति बनाई जाएगी सरकार का लक्ष्य है कि बिहार को ग्लोबल वर्कप्लेस बनाया जाए। कैबिनेट ने तय किया कि 1 से 5 दिसंबर तक विधानसभा सत्र चलेगा नए विधायकों की शपथ और विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा। बैठक के बाद मुख्य सचिव ने बताया कि कैबिनेट के फैसले सीधे तौर पर आम लोगों को लाभ पहुंचाने वाले हैं। सरकार का फोकस रोजगार बढ़ाने, बंद उद्योगों को दोबारा चालू करने और शहरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है।





