नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बुधवार को पटना में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में कई ऐसे फैसले हुए, जिन्हें कॉम्प्रोमाइज मिशन कहा जा सकता है।
नेहरू पर लगाए गंभीर आरोप
नितिन नबीन ने देश के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru का जिक्र करते हुए कहा कि 1954 में तिब्बत के मुद्दे पर भारत के अधिकार चीन को सौंप दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचशील समझौते की आड़ में अक्साई चीन पर कब्जे को स्वीकार कर लिया गया। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन को स्थायी सदस्यता दिलाने के समर्थन की भी बात कही।
इंदिरा गांधी पर भी उठाए सवाल
बीजेपी अध्यक्ष ने पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi के फैसलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिमला समझौते के तहत 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को रिहा किया गया। कच्चातिवु द्वीप को श्रीलंका को सौंपा गया। भोपाल गैस कांड के आरोपी वारेन एंडरसन को देश से बाहर जाने दिया गया। नितिन नवीन ने पूछा कि ये फैसले “आखिर किस कॉम्प्रोमाइज मिशन के तहत लिए गए।
सोनिया गांधी और राजीव गांधी फाउंडेशन पर टिप्पणी
नितिन नबीन ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष Sonia Gandhi पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 2004 से 2014 के दौरान नेशनल एडवाइजरी काउंसिल के जरिए समानांतर सरकार चलाई गई। साथ ही, Rajiv Gandhi Foundation को विदेश से फंडिंग मिलने का भी जिक्र किया।
राहुल गांधी पर भी सवाल
बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi की विदेश यात्राओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उनकी कई यात्राओं की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को नहीं दी गई। पटना में दिए गए अपने भाषण में नितिन नवीन ने कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार के ऐतिहासिक और राजनीतिक फैसलों पर कई गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





