नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में देहरादून की ट्रैफिक समस्या को हल करने के लिए ‘हवा में दौड़ने वाली बस’ का प्रस्ताव रखा है। जिसमें उन्होंने ऐसे डबल-डेकर एयर बस सिस्टम लागू करने की बात कही है जो सड़क पर नही बल्कि ऊपर हवा में चलेगा। आइए जानते है इस पूरे प्रस्ताव व एयर बस सिस्टम के बारे में।
एरियल बस सिस्टम का फायदा क्या है?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में ट्रैफिक समस्या को हल करने हवा में दौड़ने वाली बस का विजन रखा है जिसमें ये सड़क पर नहीं, बल्कि जमीन से ऊपर हवा में चलेगा। आइए जानें इस इस एरियल बस सिस्टम का फायदा क्या है।
‘एक नई सोच का इनोवेशन’
बता दें, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्रैफिक समाधान जैसे फ्लाईओवर और सिग्नल सिस्टम से अलग शहरी करण को देखते हुए एक नई सोच का इनोवेशन दिया है। जिसमें पारंपरिक उपाय शहरी यातायात की कठिन समस्याओं को हल करने के लिए काफी नहीं है। उन्होंने जमीनी स्तर पर देहरादून जाकर वहां के सड़क और हवाई मार्ग दोनों जगहों का जायजा लिया। और फिर समझा कि इस शहर को अब नई सोच वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर की सख्त जरूरत है। जिसके लिए गडकरी ने उत्तराखंड सरकार से इस एरियल बस सिस्टम के लिए संपूर्ण प्रस्ताव भेजने को कहा साथ ये भी कहा, जैसे ही प्रस्ताव केंद्र सरकार को प्राप्त होगा, वह इस प्रोजेक्ट के लिए पूर्ण सहयोग देगी।
क्या है एयर बस सिस्टम और कैसे करेगा काम?
एयर बस सिस्टम की तकनीकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है लेकिन हवा में दौड़ने वाली बस में ऐसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम से है, जो पारंपरिक बसों की तरह सड़क पर नहीं बल्कि एरियल ट्रैक या केबल पर चलेगा। इस सिस्टम में डबल-डेकर बसें चल सकती हैं, जो जमीन के ट्रैफिक से ऊपर चलेंगी, जिससे सड़कों पर बोझ कम बढ़ेगा। जो बिजली या ग्रीन एनर्जी जैसे ईको-फ्रेंडली सोर्स के जरिए चलेगा। जिससे प्रदूषण में भी कमी आएगी आएगी औरपर्यावरण के अनुकूल होगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा,अब समय आ गया है, जब भारत को स्वच्छ ट्रांसपोर्ट विकल्पों की ओर बढ़ना चाहिए।
क्यों जरूरी है देहरादून को ऐसा समाधान?
देहरादून में सीमित स्थान वाले शहरों के लिए ट्रैफिक को नियंत्रित करना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है, चूंकि यहां की सड़कों की चौड़ाई सीमित है और पहाड़ी इलाके होने के नाते पारंपरिक समाधान जैसे फ्लाईओवर और अंडरपास अब यहां के लिए पर्याप्त नहीं रह गए है। क्योंकि, यहां भी अन्य शहरों की तरह ही वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसलिए एरियल ट्रांजिट सिस्टम शहर को भीड़भाड़ से राहत देने में काम करेगा।





