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एनजीटी ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव के विरोधाभासी रुख पर जताई आपत्ति

नयी दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हरिद्वार की एक औद्योगिक इकाई द्वारा पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने के मामले में उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के सदस्य सचिव के विरोधाभासी रुख पर गहरी आपत्ति दर्ज की है। एनजीटी अध्यक्ष आदर्श कुमार गोयल की अगुवाई वाली खंडपीठ ने हरिद्वार के सुरेंद्र मोटर्स के संबंध में आई शिकायत पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड पीसीबी के विरोधाभासी बयानों पर सख्त आपत्ति जताई। खंडपीठ ने कहा, हमें इस बात का कोई कारण नहीं दिखता है कि आखिर पीसीबी ने एनजीटी के समक्ष विरोधाभासी रुख क्यों अपनाया। पहले पीसीबी ने कहा कि उक्त इकाई ने पर्यावरणीय नियम संबंधी आदेश का पालन नहीं किया इसी कारण उसे बंद कर दिया गया है और जुर्माना लगाया गया है। लेकिन वास्तव में इकाई में काम जारी रहने दिया गया और जुर्माना भी वसूला नहीं गया। खंडपीठ ने कहा,अब कहा जा रहा है कि बिजली काट दी गई है और इकाई बंद है क्योंकि उसने नियमों का पालन नहीं किया है। इसी समय यह भी मौखिक रूप से कहा जा रहा है कि इकाई ने आदेश का पालन किया है और इसी कारण उसे काम जारी रखने दिया गया है। एनजीटी ने कहा,इस तरह के विरोधाभासी बयानों के बीच हम आपसी मिलीभगत और जानबूझ कर एनजीटी को भ्रमित किये जाने के आरोपों को खारिज नहीं कर सकते हैं। सदस्य सचिव का पद बहुत ही भरोसे वाला होता है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह के पद पर आसीन व्यक्ति इस प्रकार का बर्ताव करे। खंडपीठ ने कहा कि उत्तराखंड पीसीबी के सदस्य सचिव के आचरण के प्रति वह अपनी असहमति दर्ज करा रही है। खंडपीठ ने कहा कि एनजीटी खुद भी सदस्य सचिव के गैरकानूनी आचरण के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है लेकिन फिर भी उत्तराखंड के मुख्य सचिव को सदस्य सचिव के आचरण की जांच करने का आदेश दिया जाता है। उत्तराखंड के मुख्य सचिव इस मामले में समुचित कदम उठा सकते हैं। गौरतलब है कि शिकायतकर्ता ने यह याचिका दायर की थी कि सुरेंद्र मोटर्स को दस्तावेजों में बंद दिखाया जा रहा है लेकिन वास्तव में उसके संयंत्र में काम हो रहा है। याचिकाकर्ता का कहना था कि पीसीबी के अधिकारियों की मिलीभगत से यह संयंत्र चालू है। पीसीबी के सदस्य सचिव का कहना है कि पानी का इस्तेमाल बंद किये जाने पर उक्त इकाई को आदेश का पालन करते पाया गया और इसी आधार पर उसे काम जारी रखने की अनुमति दी गई। हालांकि, एनजीटी के समक्ष पेश रिपोर्ट में उत्तराखंड पीसीबी ने सुरेंद्र मोटर को आदेश का पालन नहीं करने के कारण बंद किये जाने की बात की है। –आईएएनएस एकेएस/एमएसए

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