नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंच पर हिजाब हटाने की घटना के बाद चर्चा में आईं मुस्लिम महिला डॉक्टर डॉ. नुसरत परवीन को झारखंड सरकार ने 3 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन वाली सरकारी नौकरी का ऑफर दिया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कहा कि राज्य में महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि है और डॉक्टरों को सुरक्षित तथा सम्मानजनक कार्य वातावरण मिलेगा। इस नौकरी में उन्हें सरकारी फ्लैट की भी सुविधा दी जाएगी। बिहार में हुई घटना ने पूरे देश में राजनीतिक तूफान खड़ा किया था, जहां विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री पर एक महिला डॉक्टर का अपमान करने का आरोप लगाया।
झारखंड सरकार ने नुसरत को दिया 3 लाख सैलरी का ऑफर
झारखंड सरकार ने हिजाब विवाद में चर्चा में आईं डॉ. नुसरत परवीन को 3 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन और सरकारी फ्लैट के साथ नौकरी का ऑफर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यहां महिलाओं और डॉक्टरों का पूरा सम्मान होता है। यह नियुक्ति नहीं, बल्कि नुसरत के अधिकार और सम्मान की जीत है।
बिहार में ज्वॉइनिंग के दिन आया नया ट्विस्ट
डॉ. नुसरत परवीन को बिहार में 20 दिसंबर को ड्यूटी ज्वॉइन करनी थी, लेकिन हिजाब विवाद के बाद उनके ज्वॉइनिंग करने से इंकार करने की खबरें सामने आईं। पिछले चार दिनों से नुसरत कॉलेज नहीं गईं, जिससे उनकी भावनात्मक स्थिति पर अटकलें लगाईं जा रही थीं। उनके करीबी मित्र और सहपाठी बिलकिस ने कहा कि नुसरत तय समय पर अपने पेशेवर कर्तव्यों को संभालेंगी।
नुसरत की चुप्पी और सहयोगियों की प्रतिक्रिया
कॉलेज के शिक्षकों ने बताया कि डॉ. नुसरत एक अनुशासित और होशियार छात्रा हैं, जिन्होंने पिछले सात वर्षों से लगातार हिजाब पहन रही थीं। घटना के बाद उन्होंने चुप्पी साध ली थी, लेकिन अब उन्होंने अपनी जिम्मेदारी फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। उनके साथी डॉक्टरों के अनुसार, नुसरत निर्धारित समय पर नए पदभार ग्रहण करने के लिए तैयार हैं।
राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का नया मोड़
15 दिसंबर को पटना में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में डॉ. नुसरत का हिजाब हटाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई। इस विवाद ने न केवल राजनीतिक बहस को जन्म दिया बल्कि समाज में महिला अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इस बीच झारखंड सरकार का प्रस्ताव नुसरत को सम्मान और सुरक्षित कार्यस्थल देने का संकेत माना जा रहा है, जिससे इस मसले को एक सकारात्मक दिशा भी मिलती दिख रही है।
डॉ. नुसरत परवीन की ज्वॉइनिंग और झारखंड से मिली नौकरी का प्रस्ताव इस विवाद का नया मोड़ साबित हो रहा है, जिसमें महिला डॉक्टरों के अधिकार और सम्मान का मुद्दा प्रमुख बना हुआ है।





