नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार में अब गर्ल्स हॉस्टल और लॉज चलाने के नियम और सख्त कर दिए गए हैं। नीट की छात्रा की मौत के बाद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नई गाइडलाइन जारी की है। इन नियमों का पालन नहीं करने पर हॉस्टल और लॉज का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है या नया लाइसेंस नहीं मिलेगा। यह दिशा-निर्देश अपराध अनुसंधान विभाग और कमजोर वर्ग प्रभाग की ओर से 4 फरवरी को जारी किए गए हैं, जिन्हें सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भेज दिया गया है।
क्यों बनाए गए नए नियम?
सरकार का कहना है कि हाल के दिनों में गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में कुछ आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं। इससे छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित माहौल देना सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए अब हॉस्टल और लॉज की निगरानी और सख्त की जाएगी।
पंजीकरण और पुलिस रिकॉर्ड जरूरी
अब सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का स्थानीय थाने में पंजीकरण अनिवार्य होगा। थाने में एक अलग रजिस्टर रखा जाएगा, जिसमें हॉस्टल का पता, मालिक का नाम और अन्य जानकारी दर्ज होगी। इस रजिस्टर की जिम्मेदारी थाने की महिला हेल्प डेस्क को दी गई है। हर हॉस्टल में 24 घंटे मौजूद रहने वाली महिला वार्डन की नियुक्ति अनिवार्य होगी। वार्डन, गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मी समेत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराया जाएगा और उनका पूरा विवरण थाने में दर्ज होगा।
CCTV और सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
हॉस्टल के मुख्य द्वार, गलियारों, डाइनिंग एरिया और पूरे परिसर में हाई रेजोल्यूशन CCTV कैमरे लगाना जरूरी होगा। इन कैमरों में वॉयस रिकॉर्डिंग की सुविधा होनी चाहिए और रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखी जाएगी। इसके साथ ही पर्याप्त रोशनी, मजबूत दरवाजे, अंदर से कुंडी, ताले और खिड़कियों पर लोहे की जाली अनिवार्य होगी। कमरों का आकार और छात्राओं की संख्या भवन निर्माण कोड के अनुसार तय होगी। हॉस्टल में साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा ताकि छात्राओं को सुरक्षित और स्वस्थ माहौल मिल सके।
विजिटर के लिए सख्त नियम
हर हॉस्टल में विजिटर रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा, जिसमें आने वाले हर व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और आधार विवरण दर्ज करना होगा। छात्राओं के रहने वाले हिस्से में पुरुषों रिश्तेदारों सहित का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मिलने के लिए अलग विजिटर रूम बनाया जाएगा। रात्रि उपस्थिति के लिए छात्राओं और स्टाफ का बायोमेट्रिक सिस्टम लगाया जाएगा। हॉस्टल के रिसेप्शन और कॉमन एरिया में स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क, अभया ब्रिगेड और 112 आपातकालीन नंबर के पोस्टर लगाए जाएंगे। छात्राओं को 112 इंडिया ऐप के महिला सुरक्षा फीचर्स की जानकारी भी दी जाएगी।





