New Parliament: गणेश चतुर्थी पर होगी नई संसद की शुरुआत, पुराने भवन में इस दिन तक चलेगी कार्यवाही

New Parliament Inauguration: नई संसद के उद्‌घाटन की तिथि निर्धारित हो चुकी है। गणेश चतुर्थी पर नए संसद भवन में सत्र की शुरुआत होगी। 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी है।
नई संसद।
नई संसद।सोशल मीडिया।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। नई संसद के उद्‌घाटन की तिथि निर्धारित हो चुकी है। गणेश चतुर्थी पर नए संसद भवन में सत्र की शुरुआत होगी। 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी है। पुराने संसद भवन में 18 सितंबर तक कार्यवाही चलेगी। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक संसद का विशेष सत्र नई संसद में ही चलेगा।

20 हजार करोड़ से बनी नई संसद

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नई संसद बनवाई गई है। इसके निर्माण पर 20 हजार करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। सेंट्रल विस्टा राजपथ दोनों ओर के इलाके को कहते हैं। इसमें राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट के करीब प्रिंसेस पार्क का इलाका है।

पुराना संसद भवन 100 साल पुराना

पुराना संसद भवन करीब 100 साल पुराना है। केंद्र सरकार के मुताबिक पुराने संसद भवन में सांसदों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। लोकसभा की 545 सीटें हैं। सीटों की संख्या साल 2026 तक स्थिरता रहेगी। उसके बाद सीटों में बढ़ोतरी की पूरी संभावना है, तब नए सांसद आएंगे। उस वक्त पुराने संसद भवन में उनके लिए पर्याप्त जगह नहीं होती, इसलिए नए संसद भवन का निर्माण कराया गया है।

नए भवन में 1272 सांसदों के बैठने की क्षमता

नए भवन में 1272 सांसदों के बैठने की क्षमता है। पुराने भवन में 552 व्यक्तियों के बैठने का स्थान है। नए भवन में 888 सीटें हैं। नई संसद की डिजाइन राष्ट्रीय पक्षी मयूर और राज्यसभा की डिजाइन राष्ट्रीय फूल कमल की थीम पर है। पुराने राज्यसभा भवन में 250 सदस्यों के बैठने की जगह है। नए राज्यसभा हॉल की क्षमता 384 है।

नए भवन में सांसदों को मिलेगा अलग कार्यालय

नए भवन में सांसदों को अलग कार्यालय मिलेगा। इसमें डिजिटल सुविधाएं होंगी। सभी कार्य पेपरलेस होंगे। भव्य कॉन्स्टिट्यूशन हॉल या संविधान हॉल होगा। इसमें देश की लोकतांत्रिक विरासत दिखाई जाएगी। भारत के संविधान की मूल प्रति भी रखी होगी। सांसदों के बैठने के लिए बड़ा हॉल, लाइब्रेरी, समितियों के लिए कमरे, भोजन कक्ष और पार्किंग की सुविधा होगी। पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण क्षेत्र 64,500 वर्ग मीटर है। पुराने संसद भवन से नई संसद का क्षेत्रफल 17 हजार वर्गमीटर अधिक है।

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