नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का नाम इस्तेमाल कर लोगों को ठगने वाला एक शातिर आखिरकार पुलिस के जाल में फँस ही गया। खुद को भाजपा का “खास प्रतिनिधि” बताकर शहर-शहर घूमने वाला यह आरोपी शुक्रवार को यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सरकारी आवास पर संदिग्ध गतिविधि के दौरान रंगे हाथों पकड़ लिया गया। जानकारी के मुताबिक, नोएडा के होड़ी बछेड़ा निवासी दशरथ पाल पुत्र कुंवर पाल अपने कुछ साथियों के साथ डिप्टी सीएम से शिष्टाचार भेंट के नाम पर आवास पहुँचा था।उधर, उप मुख्यमंत्री की सतर्कता टीम को पहले ही अलर्ट मिल चुका था कि कोई संदिग्ध व्यक्ति उनके आवास में घुसने की कोशिश कर रहा है। जैसे ही वह अंदर आया, टीम ने उसकी गतिविधियों पर शक जताते हुए पूछताछ शुरू कर दी।
पूछताछ में जल्द ही उसकी पूरी कहानी सामने आ गई। वह न तो दिल्ली भाजपा अध्यक्ष का प्रतिनिधि था, न ही किसी पद पर। बस नाम और रसूख दिखाकर लोगों को पटाने का खेल खेल रहा था। शक पुख्ता होते ही टीम ने मौके पर ही उसे काबू में कर पुलिस के हवाले कर दिया।
कई शहरों में फैला था ठगी का नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी लंबे समय से खुद को सत्ता और संगठन से जुड़ा बताकर लोगों को फंसाता था। नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ और लखनऊकई शहरों में लोगों से काम दिलाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठ चुका है।उसका तरीका भी बिल्कुल फिल्मी पहले खुद को ‘विशेष प्रतिनिधि’ साबित करता, फिर मदद दिलाने का भरोसा देता और आखिर में पैसों की मांग करता। कई लोग उसकी बातों में आ चुके थे।
सरकार व संगठन की छवि से खिलवाड़ नहीं-मौर्य
घटना की सूचना मिलते ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को भी जानकारी दी। केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट कहा कि सरकार या संगठन की छवि खराब करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जनता को भ्रमित करने वाले और धोखाधड़ी में शामिल कोई भी व्यक्ति छोड़ा नहीं जाएगा। सुशासन व पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मोबाइल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस, गिरोह की तलाश
गौतमपल्ली थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेते ही उसके फोन नंबरों की निगरानी शुरू कर दी है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि़, किस-किस से पैसों का लेन-देन हुआ ,किन लोगों को झांसा दिया गया, और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है। जांच अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती सुरागों से कई नए खुलासे होने की संभावना है। पुलिस अब आरोपी के पुराने संपर्कों और शहर-शहर फैले उसके नेटवर्क को खंगाल रही है।





