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फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी में आयुर्वेद के बाद एनईपी बेस्ड बीएससी बायोमेडिकल साइंस

नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (डीपीएसआरयू) ने दो नए जॉब ओरिएंटेड कोर्स बीएससी बायोमेडिकल साइंस व बीएससी नसिर्ंग की शुरूआत की है। यहां स्टूडेंट्स को नसिर्ंग के तीसरे और चौथे साल में डायग्नोस्टिक्स, रेडियोलॉजी तकनीक आदि जैसे क्षेत्रों में सुपर-स्पेशलाइजेशन की पेशकश की जाएगी। शुरू किए गए दोनों नए कोर्स एनईपी 2020 के अनुसार डिजाइन किए गए हैं। एनईपी प्रावधानों के मुताबिक इन कोर्सेज में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम व मल्टीपल एग्जिट के प्रावधान भी दिए जाएंगे। इन कोर्सेज के स्ट्रक्च र के बारे में विस्तार से बताते हुए, डीपीएसआरयू के उपकुलपति, रमेश के. गोयल ने कहा कि स्टूडेंट्स को हैंड्स-ऑन अनुभव देने के लिए डीपीएसआरयू ने अंबेडकर नगर अस्पताल, दक्षिणपुरी और दिल्ली के कुछ अन्य अस्पतालों के साथ एमओयू कर रहा है। साथ ही विश्वविद्यालय यह सुनिश्चित करेगा कि हर स्टूडेंट्स को अपने स्पेशलाइजेशन के दौरान आवश्यक फील्ड एक्सपोजर भी मिले। उन्होंने कहा कि यह एनईपी 2020 के अनुसार इन कोर्सेज में चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम व मल्टीपल एग्जिट के प्रावधान दिए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि डीपीएसआरयू ने हमेशा मेडिकल इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार कोर्सेज को डिजाइन करने को प्राथमिकता दी है। इससे पहले यहां बी.फार्मा (आयुर्वेद), डीएमएलटी, बीएमएलटी, बीबीए (कम्युनिटी हेल्थ), एमएससी (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन मेडिसिन) जैसे पाठ्यक्रम शुरू किए थे। इन कोर्सेज पर शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोरोना के बाद की स्थितियों में हेल्थ केयर मैनपॉवर, स्पेशलाइज्ड पेशेंट सपोर्ट सर्विसेज विशेष रोगी और मेडिकल के क्षेत्र में प्रबंधन की मांग बढ़ी है। ऐसे में ये कोर्सेज मेडिकल साइंसेज के स्टूडेंट्स को स्पेशलाइज्ड स्किल्स देंगे और उनके लिए नौकरी की संभावनाओं को बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि डीपीएसआरयू समय की जरूरतों के अनुसार इन कोर्सेज में बदलाव भी करेगा। मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोरोना के दौरान देश की हेल्थ केयर इंडस्ट्री में ऐसे हेल्थ केयर प्रोफेशनल की भारी कमी देखने को मिली जो स्पेसिफिक मेडिकल टेक्नोलॉजी के साथ डॉक्टरों की बेहतर ढंग से सहायता कर सकें। ऐसे में इस तरह के कोर्सेज स्टूडेंट्स को स्किल व नॉलेज देने के साथ-साथ देश में हेल्थ केयर इंडस्ट्री की जरूरतों को भी पूरा करने में मदद करेंगे। इसके अलावा दिल्ली का द्वारका स्थित इंदिरा गांधी हॉस्पिटल मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है। यह मेडिकल कॉलेज द्वारका सेक्टर-17 में बनाया जाएगा। इस कॉलेज के बनने के बाद दिल्ली का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्च र बेहतर होगा। यह मेडिकल कॉलेज साल 2025 तक बनकर तैयार होगा। शुरूआती दौर में यहां छात्रों को एमबीबीएस पाठ्यक्रम ऑफर किए जाएंगे। इसके बाद एमडी, एमएस, डीएम आदि की मेडिकल डिग्री दी जाएगी। यहां पहले सत्र में 125 सीटों पर दाखिले होंगे। –आईएएनएस जीसीबी/एसकेपी

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