नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । ईडी ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट अदालत को बताया है कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने नेशनल हेराल्ड मामले में वित्तीय घोटाले के जरिए 142 करोड़ रुपये कमाए। इसलिए वित्तीय धोखाधड़ी का अपराध दोनों के खिलाफ दर्ज है। ईडी ने दावा किया है कि दोनों ने वित्तीय धोखाधड़ी के जरिए 142 करोड़ रुपये कमाए हैं। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने कहा है कि ईडी द्वारा 2023 में नेशनल हेराल्ड से संबंधित 751.9 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त किए जाने के बाद से सोनिया गांधी और राहुल गांधी वित्तीय घोटालों के माध्यम से प्राप्त धन से लाभान्वित हो रहे हैं।
अभिषेक मनु सिंघवी ने क्या कहा ?
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू के बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर से बहस करने अभिषेक मनु सिंघवी पहुंचे। अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हमें इस मामले में 5,000 पन्नों की चार्जशीट मिली है। हमें इसे पढ़ने के लिए समय की आवश्यकता होगी। दूसरी ओर एस राजू ने कहा है कि इस मामले में सोनिया गांधी नंबर एक आरोपी हैं और राहुल गांधी नंबर दो आरोपी हैं। इस मामले में उनके सहित कुल 7 आरोपी हैं। सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, यंग इंडियन, डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड और सुनील भंडारी इस मामले में सह-अभियुक्त हैं। इस मामले में जब 8 मई को सुनवाई हुई तो सुनवाई स्थगित कर दी गई थी और 21 और 22 मई की तारीख तय की गई थी। इससे पहले अदालत ने इस मामले में 2 मई को सोनिया गांधी और राहुल गांधी को नोटिस जारी किया था।
क्या है नेशनल हेराल्ड मामला ?
नेशनल हेराल्ड मामला नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र के अधिग्रहण से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित प्रमुख कांग्रेस नेताओं के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। आरोपपत्र में सुमन दुबे और सैम पित्रोदा का नाम भी शामिल है। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में एक याचिका दायर कर कांग्रेस नेताओं पर वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। सत्र न्यायालय ने आयकर विभाग को नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र और गांधी परिवार के वित्तीय लेनदेन की जांच करने की अनुमति दे दी। इसके बाद मामला प्रवर्तन निदेशालय को सौंप दिया गया।
पिछले कुछ वर्षों में ईडी ने अपनी जांच तेज कर दी है। 2023 में, ईडी ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड और यंग इंडियन से संबंधित 752 करोड़ रुपये की संपत्ति को अंतिम रूप से जब्त कर लिया। ईडी ने 11 अप्रैल 2025 को 661 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग चार्जशीट में सोनिया गांधी और राहुल गांधी का नाम भी शामिल कर लिया है। उन पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड से यंग इंडियन को धोखाधड़ी से संपत्ति हस्तांतरित करने का आरोप लगाया गया है।
गांधी परिवार पर क्या आरोप हैं?
ED की जांच में आरोप लगाया गया है कि AJL ने 2008 में अपना प्रकाशन बंद कर दिया और अपनी संपत्ति का उपयोग वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए करना शुरू कर दिया। आरोपपत्र में कहा गया है कि एजेएल कांग्रेस से लिया गया 90.21 करोड़ रुपये का लोन चुकाना चाहती थी, लेकिन कांग्रेस का मानना था कि एजेएल 90.21 करोड़ रुपये का लोन नहीं चुका पाएगी। इसलिए, एजेएल कंपनी को सोनिया गांधी और राहुल गांधी के स्वामित्व वाली नवगठित यंग इंडियन कंपनी को 50 लाख रुपये में बेच दिया गया। आरोपपत्र में कहा गया है कि यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 50 लाख रुपये में 90.21 करोड़ रुपये वसूलने का उपाय निकाला, जो नियमों के खिलाफ है। यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने 50 लाख रुपये में एक नई कंपनी बनाकर एजेएल की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने की कोशिश की।
दूसरी ओर, यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को गैर-लाभकारी संगठन के रूप में वर्गीकृत किया गया। आरोपपत्र में कहा गया है कि इससे लेन-देन की वास्तविक प्रकृति पर सवाल उठते हैं। ईडी का यह भी आरोप है कि एजेएल की संपत्ति का इस्तेमाल 18 करोड़ रुपये के फर्जी दान, 38 करोड़ रुपये के फर्जी किराए और 29 करोड़ रुपये के फर्जी विज्ञापनों के लिए किया गया।





