नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने 8th Pay Commission के गठन को मंजूरी दे दी है। ये आयोग सरकारी कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर में सुधार से जुड़े सुझाव देगा, माना जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 2026 से लागू किया जा सकता है। अभी सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर सैलरी मिलती है। सातवें वेतन आयोग का गठन 2014 में किया गया था और साल 2016 में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू कर दिया गया था।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, ‘ प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए 8th Central Pay Commission को मंजूरी दे दी है। 1947 से अब तक सात पे कमीशन हुए हैं। प्रधानमंत्री ने एक रेगुलर रिदम के साथ पे कमीशन बनाने का जो संकल्प लिया है उसके हिसाब से 2016 में आखिरी सातवां पे कमीशन स्टार्ट हुआ था, जिसका टर्म 2026 में खत्म होगा। उससे पहले 2025 में आठवां वेतन आयोग बनाने से हमें उनके सुझावों पर विचार करने का पर्याप्त समय मिलेगा। इसे लेकर राज्य सरकारों और सभी स्टेक होल्डर्स के साथ लंबी चर्चा होगी।’
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PM @narendramodi Ji has approved the 8th Central Pay Commission for all Central Government employees. pic.twitter.com/4jl9Q5gFka
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) January 16, 2025
What is Pay Commission?
बढ़ती महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों को कितनी तनख्वाह मिलनी चाहिए, ये तय करने के लिए भारत सरकार पे कमीशन का गठन करती है। आज़ादी के बाद से अब तक सात वेतन आयोगों का गठन किया जा चुका है। अब सरकार ने आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। वेतन आयोग का काम कर्मचारियों के काम और पे स्ट्रक्चर का रिव्यू करके उसमें बदलाव के लिए सुझाव देने का है। सैलरी स्ट्रक्चर तैयार करते हुए पे कमीशन महंगाई और दूसरे आर्थिक बिंदुओं को ध्यान में रखता है और सरकार को सुझाव देता है कि कर्मचारियों का बेसिक पे, अलाउंस आदि कितना होना चाहिए।





