नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Kempegowda International Airport) के टर्मिनल-2 से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग खुले में नमाज अदा करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस और विवाद शुरू हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, जो लोग नमाज पढ़ते नजर आए, वे मक्का जा रहे यात्रियों के परिजन बताए जा रहे हैं। बताया गया है कि एयरपोर्ट परिसर में पहले से ही एक निर्धारित नमाज रूम मौजूद है, इसके बावजूद उन्होंने सार्वजनिक जगह पर नमाज पढ़ी। वीडियो में आसपास एयरपोर्ट स्टाफ और सुरक्षा कर्मी भी नजर आ रहे हैं, जिससे कई सवाल उठे हैं।
BJP ने जताई नाराज़गी
वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी नेता विजय प्रसाद ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और मंत्री प्रियांक खरगे से सवाल करते हुए कहा, “बेंगलुरु एयरपोर्ट के हाई-सिक्योरिटी जोन में ये कैसे हुआ? क्या इन लोगों को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी? सरकार आरएसएस जैसे संगठनों की गतिविधियों पर रोक लगाती है, लेकिन ऐसी घटनाओं पर चुप क्यों रहती है? बीजेपी नेताओं ने इसे सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया और सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
सरकार की सख्त तैयारी
विवाद बढ़ने के बाद कर्नाटक सरकार अब इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार जल्द ही एक नया दिशा-निर्देश (Guideline) जारी कर सकती है। इसमें साफ कहा जाएगा कि एयरपोर्ट परिसर में किसी भी तरह की धार्मिक या राजनीतिक गतिविधि पूरी तरह से प्रतिबंधित होगी। इस घटना के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी और सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि हाई-सिक्योरिटी जोन में इस तरह की घटनाएं सुरक्षा जोखिम बढ़ा सकती हैं, इसलिए भविष्य में ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





