नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश के मेरठ हत्याकांड में एक अजीबो गरीब बात सामने आयी है। मर्चेंट नेवी कर्मचारी सौरभ की हत्या के आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला नशे की गंभीर लत से पीड़ित हैं। जिसके चलते दोनों की जेल में हालत खराब हो गई। नशे की लत की वजह से उनकी बेचैनी बढ़ रही है। दोनों जेल में खाना खाने से मना कर रहे हैं और मारिजुआना, मॉर्फिन इंजेक्शन की मांग कर रहे हैं।
बता दें कि मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर बीते 4 मार्च को अपने पति सौरभ की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसके शव को टुकड़ों में काटकर ड्रम में छिपा दिया था। इसके बाद ड्रम में सीमेंट भर दी। इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गये। लेकिन पुलिस ने आखिरकार मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अब जेल में मुस्कान की पहली ही रात में तबीयत खराब होने लगी। डॉक्टरों ने उसे गंभीर नशा करने की लत से पीड़ित बताया। जिसके बाद उसका इलाज शुरू कर दिया। इस दौरान साहिल की भी बेचैनी बढ़ने लगी और उसने मारिजुआना ड्रग्स की मांग की। दोनों खाना खाने से मना कर रहे हैं। दोनों आरोपी मेरठ जिला जेल में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग बैरक में बंद हैं।
इंजेक्शन वाली दवाईयां लेते थे साहिल और मुस्कान
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि साहिल मारिजुआना के बिना बहुत बेचैन था और मुस्कान ने मॉर्फिन के इंजेक्शन की मांग की। अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की कि दोनों नियमित रूप से इंजेक्शन वाली दवाओं का उपयोग करते थे, जिसके कारण अब उन्हें बेचैनी का सामना करना पड़ रहा है। जेल का नशा मुक्ति केंद्र, जो आरोपियों की देखभाल कर रहा है, उसने वापसी प्रणाली के प्रबंधन के लिए दोनों को उपचार के तहत रखा है। जेल की मेडिकल टीम भी लगातार उन पर नज़र रख रही है।
सूत्रों ने बताया कि मुस्कान और साहिल की ओर से नशीली दवाओं की मांग के बीच दोनों ने खाना भी खाने से मना कर दिया, जो कि नशा छूट जाने का एक आम लक्षण है। उन्होंने बताया कि दोनों को कुछ हद तक स्थिर होने में कम से कम दस दिन का समय लग सकता है।




